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फोटो बुधवार सुबह का है। एनडीआरएफ की टीम ने नदी में बहे लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

चित्तौड़गढ़ में एक वैन गूगल मैप के कारण बनास नदी की टूटी पुलिया में बह गई। इसमें एक ही परिवार के 9 लोग थे। नदी के बहाव के कारण वैन 300 मीटर तक बह गई।

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एक्सीडेंट में एक 4 साल के बच्ची और 2 महिलाओं की मौत हो गई। वहीं, एक बच्ची अभी भी लापता है। हादसा कपासन में राशमी थाना क्षेत्र के सोमी-उपेरड़ा पुलिया पर रात 1 बजे हुआ। पुलिस के अनुसार परिवार के 5 लोगों ने वैन पर चढ़कर जान बचाई।

सिविल डिफेंस की टीम से कैलाश वैष्णव ने बताया- सुबह 4:30 बजे से सर्च करना शुरू किया था। 3 शव निकाल चुके हैं, लेकिन एक का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

सबसे पहले जानिए- कहां हुआ हादसा…

मैप ने 3 साल से टूटी व बंद पड़ी पुलिया पर पहुंचाया

कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने बताया कि पीड़ित परिवार चित्तौड़गढ के भूपालसागर थाने के कानाखेड़ा गांव का रहने वाला है। वे भीलवाड़ा जिले में सवाई भोज मंदिर में दर्शन के लिए गए थे।

देर रात मंदिर से लौटते हुए वो रास्ता भटककर सोमी गांव पहुंचे। वहां पहुंचते ही ग्रामीणों ने उन्हें पुलिया की तरफ जाने से रोका था। उन्हें बताया था कि मातृकुंडिया का गेट खुलने के कारण पानी का बहाव ज्यादा है।

ड्राइवर ने उनकी बात नहीं सुनी और गूगल मैप के बताए रास्ते पर चलने लगा। लोकेशन उन्हें बनास नदी की 3 साल से बंद पुलिया सोमी-उपरेड़ा पर ले गई। पानी के बहाव के बीच ड्राइवर ने वैन निकालने की कोशिश की, लेकिन वो उसमें बह गई।

करीब 300 मीटर तक बह गई वैन पानी के वेग के कारण वैन टूटी हुई पुलिया से 300 मीटर दूर तक बह गई। ड्राइवर मदनलाल कांच तोड़कर गाड़ी की छत पर चढ़ गया। फिर उसने एक-एक कर 5 लोगों को छत पर खींच लिया। इसी बीच गाड़ी बहकर नदी की गहराई वाले हिस्से में चली गई। गाड़ी में 2 महिलाएं और 2 बच्ची थी।

2 महिला और एक बच्ची की बॉडी मिली मदनलाल ने फोन कर मदद मांगी, लेकिन अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू शुरू नहीं हो सका। बुधवार सुबह एनडीआरएफ ने 4 साल की बच्ची खुशी पुत्री मदन की बॉडी को बाहर निकाला।

वहीं, चंदा (21) पत्नी हेमराज, ममता (25) पत्नी मदन की बॉडी भी बुधवार सुबह 10 बजे नदी से निकाली गई। जबकि, रूत्वी (6) पुत्री हेमराज की तलाश जारी है।

अब देखिए- रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी PHOTOS…

ग्रामीणों ने बताया कि बनास नदी की इस पुलिया पर स्थानीय लोग भी नहीं आते हैं। क्योंकि इसका बीच का हिस्सा पूरी तरह से टूटा हुआ है।

ग्रामीणों ने बताया कि बनास नदी की इस पुलिया पर स्थानीय लोग भी नहीं आते हैं। क्योंकि इसका बीच का हिस्सा पूरी तरह से टूटा हुआ है।

जिला प्रशासन के अनुसार एनडीआरएफ की टीम मंगलवार रात ही मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन रेस्क्यू सुबह शुरू हुआ।

जिला प्रशासन के अनुसार एनडीआरएफ की टीम मंगलवार रात ही मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन रेस्क्यू सुबह शुरू हुआ।

रेस्क्यू कर रही टीम मेंबर्स ने बताया कि नदी का बहाव अधिक होने के कारण देरी हुई।

रेस्क्यू कर रही टीम मेंबर्स ने बताया कि नदी का बहाव अधिक होने के कारण देरी हुई।

मछुआरे की नाव से 5 लोगों को बचाया

हादसे के बाद वैन के ऊपर फंसे लोगों को मछुआरे की नाव से बचाया गया। पुलिस के अनुसार रात को बचाए गए लोगों में मदनलाल (25) पुत्र देवीलाल, हितेश (16) पुत्र सोहन, लीला (18) पत्नी देवीलाल, काव्यांश (9 माह) पुत्र मदन, आयांश (9 माह) पुत्र देवीलाल थे।

क्या गूगल मैप पर पूरी तरह भरोसा करना सही है?

साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक, गूगल मैप पर आंख बंद कर भरोसा करना सही नहीं है। कई बार मैप किन्हीं कारणों से गलत रास्ता दिखा सकता है। जैसे कि-

  • अगर कोई नई सड़क बनाई गई है, जो गूगल मैप पर अपडेटेड नहीं है तो यह गलत जानकारी दे सकता है।
  • भारी बारिश, आंधी या तूफान के चलते रास्ता बंद हो जाता है। ऐसी स्थिति में भी गूगल मैप गलत जानकारी दे सकता है।
  • गूगल मैप GPS सिग्नल के जरिए काम करता है। अगर किसी जगह पर नेटवर्क नहीं है तो भी यह गलत जानकारी दे सकता है।



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