बीजेपी प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल आज जयपुर में सेवा पखवाड़े को लेकर आयोजित कार्यशाला को बीच में ही छोड़कर निकल गए। प्रभारी को दूसरे सत्र में सीएम भजनलाल शर्मा के साथ मंच साझा करना था। लेकिन दूसरा सत्र शुरू होने से पहले ही प्रभारी नाराज होकर
इसके बाद दूसरे सत्र में मंच से उनकी कुर्सी को हटा दिया गया। बताया जा रहा है कि कार्यशाला में सांसद, विधायक, जिला प्रमुख और पार्टी पदाधिकारियों की कम संख्या को लेकर प्रभारी नाराज थे। घटना दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केंद्र के सभागार के बाहर हुई।

गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म दौड़कर राधामोहन दास अग्रवाल के पीछे-पीछे आए।

मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल से करीब 5 मिनट बात की।

प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल नहीं रुके। दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केंद्र से निकल गए।
मंत्री बेढ़म पीछे से दौड़कर पहुंचे
बीजेपी प्रभारी जब नाराज होकर कार्यशाला से निकले तो गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म दौड़कर उनके पीछे-पीछे आए। मंत्री के स्टाफ ने आवाज लगाकर प्रभारी की गाड़ी को रुकवाया। इसके बाद मंत्री ने प्रभारी से करीब 5 मिनट बात की।
दोनों के हावभाव से लग रहा था कि मंत्री प्रभारी को मनाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन उसके बाद भी प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल नहीं रुके और वहां से निकल गए।
राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा- मुझे उद्घाटन सत्र के बाद निकलना ही था
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा- मुझे उद्घाटन सत्र के बाद निकलना ही था। मुझे बीजेपी महामंत्री श्रवण बगड़ी और मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के आवास पर जाकर उनसे मिलना था। मंत्री बेढ़म ने मुझसे रुकने का आग्रह किया था। लेकिन तय कार्यक्रम के कारण मुझे निकलना ही था। मंत्री बेढ़म मेरे साथ खींवसर पहुंचे हैं।

उद्घाटन सत्र में शामिल हुए प्रभारी डॉ राधामोहन दास अग्रवाल।
मंच से अनुपस्थित रहने वालों को चेताया
इससे पहले गुरुवार सुबह उद्घाटन सत्र में प्रभारी डॉ राधामोहन दास अग्रवाल ने कार्यशाला में अनुपस्थित रहने वालों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की बात कही थी। प्रभारी ने अपने संबोधन में कहा था कि आज पीएम मोदी के जन्मदिन से शुरू होने वाले सेवा पखवाड़े की तैयारियों को लेकर प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है।
लेकिन इस कार्यशाला में 14 में से 5 सासंद 118 में से 72 विधायक ही पहुंचे। 11 सांसद प्रत्याशियों में से 8 और 82 विधायक प्रत्याशियों में से केवल 42 कार्यशाला में पहुंचे है। प्रभारी ने कहा- कार्यशाला में 8 जिलाध्यक्ष भी नहीं पहुंचे।
वहीं, 35 बीजेपी पदाधिकारियों में से भी 22 ही उपस्थित हुए है। ऐसे में क्यों ना इन लोगों को बदल दिया जाए। जो पार्टी का काम नहीं करना चाहता, उसकी पार्टी में भी जगह नहीं होनी चाहिए।
नहीं आने का कारण लिखित में पूछें
प्रभारी ने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ से कहा कि इन लोगों में से जो लोग बिना बताए अनुपस्थित हुए हैं। उनसे लिखित में नहीं आने का कारण पूछा जाना चाहिए।
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