चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र में सावन के अंतिम सोमवार को धनेश्वर महादेव मंदिर से भगवान भोलेनाथ की चौथी बार दिव्य सवारी बड़े धूमधाम से निकाली गई। हर साल की तरह इस बार भी भक्तों ने पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भोलेनाथ की यात्रा का आयोजन किया
यात्रा की शुरुआत से पहले धनेश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ को 56 भोग का प्रसाद अर्पित किया गया। इसके बाद भव्य महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल, मंजीरे और अन्य वाद्य यंत्रों की मधुर धुन पर जब भगवान की आरती हुई, तो ऐसा लग रहा था जैसे काशी में भोलेनाथ की महाआरती हो रही हो। माहौल भक्ति और श्रद्धा से भर गया।
भगवान भोलेनाथ की सुंदर झांकी सजाई गई और उन्हें विशेष रूप से श्रृंगारित कर रथ में विराजित किया गया। इसके बाद बैंड-बाजे और डीजे की मधुर धुनों के साथ दिव्य सवारी की शुरुआत हुई। यह यात्रा धनेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर अमरपुरा, गंगा गुड़ा होते हुए भदेसर के भैरूनाथ मंदिर चौक पहुंची।

इस दौरान भक्तों की भारी भीड़ देखी गई।
इस सवारी में राधा-कृष्ण, श्रीनाथजी और भोलेनाथ की आकर्षक झांकियां सजाई गईं, जो सभी का ध्यान आकर्षित कर रही थीं। भदेसर नगर के हर कोने से लोग इस यात्रा में शामिल हुए। महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी सनातन धर्म प्रेमी श्रद्धा के साथ यात्रा में चले। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
यात्रा के दौरान प्रशासन ने भी सभी जरूरी व्यवस्थाएं की थीं। चिकित्सा विभाग की ओर से स्थाई चिकित्सा केंद्र लगाया गया, तो वहीं ट्रैफिक और शांति बनाए रखने के लिए भदेसर पुलिस और चित्तौड़गढ़ से पुलिस बल बुलाया गया। बिजली विभाग ने भी पूरी सतर्कता बरती और अपने कर्मचारी तैनात किए।
भक्तों की ओर से यात्रा मार्ग में लगभग 51 स्थानों पर प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी। कहीं फलाहार, कहीं शिकंजी और कहीं केला-फल आदि वितरित किए गए। जब यह दिव्य यात्रा रावला चौक पहुंची, तो वहां का नजारा किसी बड़े मेले जैसा लग रहा था।
इस चौथी दिव्य यात्रा के माध्यम से भगवान भोलेनाथ नगर भ्रमण करते हुए अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं और उनके हाल-चाल जानने निकलते हैं। यात्रा भदेसर के प्रमुख स्थानों भेरुजी मंदिर, बस स्टेशन, लक्ष्मीनाथ मंदिर, सदर बाजार, धोबी मोहल्ला, अंबेडकर बस्ती, पुलिस थाना, माली मोहल्ला आदि से होते हुए भगवान रामेश्वर मंदिर पहुंची। वहां संध्याकालीन आरती कर इस दिव्य यात्रा का समापन हुआ। यह आयोजन भक्ति, श्रद्धा और सेवा भावना का अद्भुत संगम था, जिसमें संपूर्ण भदेसर नगर एक साथ भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आया।
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