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भीलवाड़ा में साइबर थाना और मंगरोप थाना पुलिस की टीम ने साइबर ठग गैंग का पर्दाफाश किया है।
भीलवाड़ा में साइबर थाना और मंगरोप थाना पुलिस की टीम ने साइबर ठग गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 2 युवकों को गिरफ्तार किया है और 1 नाबालिग को डिटेन किया है।
साइबर थाना प्रभारी उदय सिंह ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर युवाओं को फंसाकर पहले अश्लील वीडियो कॉल और चैट करवाते। बाद में उनकी स्क्रीन रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट लेकर लोगों को ब्लैकमेल करते उनसे पैसे ऐंठते।
1500 लोगों को बनाया शिकार आरोपियों ने कभी पुलिस अधिकारी बनकर मामला दर्ज कराने की धमकी दी तो कभी वीडियो वायरल करने की बात कहकर रुपए ऐंठे। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने 1500 से अधिक लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाया। गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन, 4 एटीएम कार्ड बरामद किए है।
सिम बदलकर पुलिस से बचते आरोपी बार-बार सिम बदलकर पुलिस की पकड़ से बचने की कोशिश करते थे। बरामद मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल अन्य राज्यों में हुई साइबर ठगी की वारदातों में भी पाया गया है। आरोपी ठगी से प्राप्त धनराशि को E-MITRA केन्द्र संचालकों के खातों में डलवाते थे। बाद में नकद निकालकर उन खातों को फ्रीज करवा देते थे।
इनको किया गिरफ्तार इस मामले में पुलिस ने संजय सिंह पुत्र बाबूसिंह गहलोत, निवासी रामभक्त कॉलोनी करुदा, प्रतापगढ़ हाल मण्डपिया, शिवराज नाथ पुत्र किशन नाथ, निवासी श्रीराम नगर, गुवारड़ी, थाना मंगरोप भीलवाड़ा को गिरफ्तार किया। साथ ही पुलिस ने एक नाबालिग को डिटेन किया है।
इस कार्रवाई करने वाली स्पेशल टीम में उदय सिंह (RPS), विशम्भर दयाल, समरथ आचार्य, छोटू लाल रेबारी (विशेष योगदान), जितेन्द्र कुमार मंगरोप थाने के एएसआई जोगेंद्र सिंह, रामचंद्र, राकेश ताखर, सुन्दर लाल शामिल रहे।
एसपी बोले- अपनी निजी जानकारी किसी को ना दें एसपी धर्मेंद्र सिंह ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल/लिंक पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें। ठगी या ब्लैकमेलिंग का शिकार होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने पर संपर्क करें।
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