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कमला नेहरू नगर समन्वय धाम स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में श्री हनुमान भक्तमाल रस महोत्सव के शुभारंभ पर उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़।

जोधपुर के कमला नेहरू नगर स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, भारत समन्वय धाम में आज से श्री हनुमान भक्तमाल रस महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। इस आध्यात्मिक महोत्सव की शुरुआत परम पूज्य रामस्नेही संत अर्जुनराम जी महाराज के सान्निध्य में हुई, जिनके ओजस्वी एवं

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महोत्सव के पहले दिन, पूज्य संत अर्जुनराम जी महाराज ने भगवान हनुमान के सेवा भाव, दासता की पराकाष्ठा, अटूट भक्ति और पूर्ण समर्पण के असाधारण महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अपने प्रवचन में बताया कि हनुमान जी का संपूर्ण जीवन, सच्चे सेवा भाव और निस्वार्थ प्रेम का प्रमाण है। महाराज जी ने श्री भक्तमाल के दिव्य महत्व को उजागर करते हुए बताया कि सच्ची भक्ति और समर्पण के सिद्धांत जीवन में आंतरिक शांति और आनंद का स्त्रोत हैं।

कथा के शुभारंभ पर विधि-विधान से किया पूजन।

कथा के शुभारंभ पर विधि-विधान से किया पूजन।

अपने उद्बोधन में, संत अर्जुनराम जी महाराज ने कहा, “भक्ति हमें जीवन के सभी सुख-दुख और उतार-चढ़ाव से ऊपर उठने की शक्ति प्रदान करती है।” उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि संतों द्वारा बताए गए भक्ति मार्ग का अनुसरण करें और भगवत भक्ति में लीन होकर अपने जीवन को सार्थक बनाएं।

यह श्री भक्तमाल कथा श्रृंखला आगामी 6 दिनों तक, यानी 3 अगस्त तक प्रतिदिन आयोजित होगी। इस दौरान, संत अर्जुनराम जी महाराज भक्तमाल के विविध प्रेरक प्रसंगों व संत-भक्तों के प्रेरणादायी जीवन चरित्रों का विस्तृत वर्णन करेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त होगी।

इस धार्मिक आयोजन का संचालन ओमप्रकाश, रामरक्षित, श्रीमन, श्रीधर, समस्त राठी एवं समस्त समन्वय परिवार के सौजन्य और निमंत्रण पर किया जा रहा है। मंदिर परिसर में भक्ति व आध्यात्म का वातावरण आनंदमयी बना हुआ है।



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