रेलवे स्टेशन के बाहर थड़ी (दुकान) लगाने वाले युवक को पुलिस ने डंडे से बुरी तरह पीटा। आरोप है कि दुकान पर आए युवकों ने पुलिस की पेट्रोलिंग जीप से फोन चार्ज करने की बात पर मारपीट की शिकायत की थी।
इस पर बिना कुछ पूछे ASI अंदर घुस आए और दुकानदार को डंडे से पीटा। इसके बाद थाने ले गए और अगले दिन सुबह छोड़ा।
पूरी घटना दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। मामला झुंझुनूं के कोतवाली थाना इलाके के रेलवे स्टेशन के बाहर 2 अगस्त देर रात का है। घटना का वीडियो सोमवार को सामने आया।
झुंझुनूं एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने कहा- मामला मेरे संज्ञान में अभी आया है। वीडियो की जांच की जाएगी। जो भी दोषी साबित होंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे।
3 PHOTOS में देखिए ASI ने कैसे बरसाए डंडे…

ASI ने दुकानदार पर डंडे बरसाने शुरू किए तो दुकानदार स्टूल लेकर बचने की कोशिश करने लगा।

ASI जब दुकानदार पर डंडे बरसा रहा था तो दुकान के बाहर अन्य पुलिसकर्मी खड़े थे।

पुलिस की मार से बचने के लिए दुकानदार अंदर की ओर भागा।
मोबाइल चार्ज करने से मना किया तो शिकायत की पीड़ित दुकानदार नाहर सिंह पुत्र मंगलाराम सैनिक नगर में रहता है। उसने बताया कि वह झुंझुनूं रेलवे स्टेशन के बाहर प्रणव फूड नाम से दुकान चलाता है।
नाहर सिंह ने आरोप लगाया कि कोतवाली थाने के ASI ओमप्रकाश ने उसे दुकान में घुसकर पीटा। करीब 50 बार डंडे मारे।
उसने बताया- 2 अगस्त को रात 1 बजे दो युवक मोबाइल चार्ज करने के लिए दुकान में आए। उन्होंने थोड़ी देर फोन चार्ज लगाने की इजाजत मांगी। 10 मिनट चार्ज लगाने के बाद मैंने युवकों से मोबाइल फोन हटा देने को कहा।
इसके बाद दोनों युवक दुकान से बाहर चले गए। उसी दौरान पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी वहां से गुजरी तो युवकों ने कोतवाली थाने के ASI ओमप्रकाश से मारपीट करने की झूठी शिकायत कर दी।

तस्वीर उस युवक की है जो दुकान में मोबाइल फोन चार्ज करने आया था। इसके बाद वह चार्जर चुरा कर ले गया।
50 से ज्यादा डंडे मारे नाहर सिंह का आरोप है कि पुलिस वाले नशे में थे। ASI ओमप्रकाश दुकान में घुस आए। बिना कोई पूछताछ किए हाथ में डंडा लेकर उन पर टूट पड़े। करीब 50 से ज्यादा डंडे मारे। खुद को बचाने के लिए मैंने दुकान में रखी स्टूल का सहारा लिया, जो मारपीट के दौरान टूट गई।
नाहर सिंह के अनुसार, करीब 10 मिनट तक यह मारपीट चलती रही। बाद में कोतवाली की दूसरी गाड़ी मौके पर बुलाई गई और मुझे जबरन गाड़ी में बैठाकर थाने ले जाया गया। इस दौरान दुकान खुली रह गई। जिस युवक को दुकान से निकाला था, उसने मेरा मोबाइल और चार्जर चोरी कर लिया।
डर के कारण मामला दर्ज नहीं करवाया नाहर सिंह ने बताया- थाने में रात भर रखने के बाद अगले दिन शाम को मुझे छोड़ दिया गया। लेकिन इस बीच मुझ पर धारा 151 के तहत बंद करने की कार्रवाई की गई।
नाहर सिंह का कहना है कि डर के माहौल और पुलिस के दबाव के चलते मैंने कोतवाली थाने में खुद के साथ हुई मारपीट का मामला दर्ज नहीं करवाया।
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