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नारकोटिक्स वेब सीरीज देखकर आरोपी बिरजू शुक्ला ड्रग्स बनाने की विधि को कागज पर उतार दिया। इसके बाद उसने राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात में अपने साथियों के साथ मिलकर ड्रग्स फैक्ट्री लगाई। बाड़मेर पुलिस की सूचना पर बाड़मेर पुलिस ने एमडी फैक्ट्री मामले के

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इनको 19 अगस्त तक पीसी रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। तस्करों से पूछताछ के दौरान बाड़मेर पुलिस की सूचना पर एनसीबी गुजरात, महाराष्ट्र पुलिस, प्रतापगढ़ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 88 करोड़ का केमिकल जब्त किया है। तस्करों ने इसे झाड़ियों में छिपाया हुआ था।

एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया- रोहन केमिकल के मालिक मच्छीन्द्र तुकाराम भौंसले और सुशांत संतोष पाटील को महाराष्ट्र से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया है। दोनों से पूछताछ जारी है।

23 जुलाई को पकड़ी थी फैक्ट्री

बाड़मेर में पुलिस ने 23 जुलाई को सेड़वा उपखंड के धोलकिया और खरटिया के पास धोरों के बीच सुनसान इलाके में MD ड्रग बनाने की फैक्ट्री को पकड़ा था। यह फैक्ट्री भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से करीब 32 किलोमीटर दूर बनाई गई थी।

इस फैक्ट्री में करीब 100 करोड़ की ड्रग बनाई जानी थी। ड्रग बनती उससे पहले ही पुलिस ने फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर दिया।

तस्वीर, महाराष्ट्र से प्रोडक्शन वारंट पर लाए मच्छीन्द्र और संतोष की है।

तस्वीर, महाराष्ट्र से प्रोडक्शन वारंट पर लाए मच्छीन्द्र और संतोष की है।

वेब सीरीज देख खड़ी कर दी ड्रग्स की फैक्ट्री

एसपी ने बताया- पकड़े गए तस्करों से पूछताछ में सामने आया है कि जयेंद्र शुक्ला और फरार शिव ड्रग्स से जुड़ी वेब सीरीज देखते थे। इसी थीम की किताबें पढ़कर ड्रग्स बनाने की विधि बनाई।

शुक्ला ने जनवरी 2025 में महाराष्ट्र जेल से बाहर आया था इसके बाद से ही ड्रग्स का काम करना शुरू कर दिया। उसके पास कंप्यूटर साइंस की डिग्री है। जयेंद्र शुक्ला केमिकल बनाने का काम करता था, वहीं शिवा का काम फैक्ट्री स्थापित करना है।

तस्वीर बिरजू (शर्ट में) और मांगीलाल (टी शर्ट में) की है। ये दोनों पहले ही पकड़े जा चुके हैं।

तस्वीर बिरजू (शर्ट में) और मांगीलाल (टी शर्ट में) की है। ये दोनों पहले ही पकड़े जा चुके हैं।

6 अगस्त को महाराष्ट्र राजस्थान में हुई थी कार्रवाई

एसपी ने बताया- बाड़मेर पुलिस की कार्रवाई के बाद 6 अगस्त को एनसीबी गुजरात, महाराष्ट्र पुलिस और प्रतापगढ़ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के रायगढ़ और राजस्थान के प्रतापगढ़ से एमडी बनाने के उपकरण व 88 करोड़ के केमिकल को जब्त किया है। एसपी मीना ने बताया- तस्करों ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही ड्रग्स को 8-10 फीट गहरे गड्ढे में झाड़ियों में छिपा दिया था।

तस्कर पहले जैसलमेर एरिया में फैक्ट्री लगाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने एक महीने तक रेकी भी की। फिर बाड़मेर के इस सुनसान एरिया में फैक्ट्री लगाई गई। फैक्ट्री के बाहर कार्रवाई के दौरान खड़े पुलिसकर्मी।

तस्कर पहले जैसलमेर एरिया में फैक्ट्री लगाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने एक महीने तक रेकी भी की। फिर बाड़मेर के इस सुनसान एरिया में फैक्ट्री लगाई गई। फैक्ट्री के बाहर कार्रवाई के दौरान खड़े पुलिसकर्मी।

12 नामजद इसमें से 4 गिरफ्तार

एसपी ने बताया- फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में मच्छीनन्द्र, संतोष, जयेन्द्र शुक्ल और मांगीलाल है। इसके अलावा अभी अन्य 12 की तलाश की जा रही है। इसमें रमेश उर्फ अनिल विश्नोई निवासी शिव मंदिर नेडीनाडी धोरीमन्ना, कमलेश उर्फ कार्तिक विश्नोई निवासी लुंबाणियों की ढाणी चेनपुरा सेड़वा, कमलेश विश्नोई निवासी चितरड़ी फागलिया, गणतपसिंह निवासी आंकल, ओमप्रकाश निवासी लछीवाड पुलिस थाना सांचौर, उत्सव प्रभार खरे निवासी बी-13 गार्डन सिअी, कोसम्बा अकलेश्वर गुजरात, शिव उर्फ शिबासिंह निवासी मंगलशाही पुर्णिया तहसील बाईसींगा जिला मयूरबंज, रोहन प्रभाकर गवंस निवासी ए विंग 501 मलाड वेस्ट मुंबई को नामजद किया है।

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