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हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर युवती की तस्वीर पोस्ट करके उस पर भद्दे कमेंट करने के आरोपी युवक को तीन साल सोशल मीडिया से दूर रहने की शर्त पर जमानत दी। जस्टिस अशोक कुमार जैन की अदालत ने कहा कि आरोपी युवक इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचेट आदि सोशल मीडिया प्लेट
इसके साथ ही आरोपी युवक व्हाट्सएप्प, टेलीग्राम और अन्य किसी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से पीड़िता और उसके परिवार के किसी भी सदस्य को मैसेज नहीं करेगा।
वहीं आरोपी इन शर्तों का उल्लंखन करता है तो उसकी जमानत रद्द की जा सकेगी।
सोशल मीडिया पर एडिटेड फोटो-वीडियो शेयर किए सरकारी अधिवक्ता आरती शर्मा ने बताया कि युवती ने 21 फरवरी को आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कराते हुए कहा था कि युवक ने अलग-अलग मोबाइल फोन और अलग-अलग इंस्टाग्राम आईडी का इस्तेमाल करके उसकी एडिटेड फोटो और वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किए और उसे ब्लैकमेल किया।
पीड़िता ने अपने बयान में भी स्पष्ट रूप से कहा है कि आरोपी ने उसे धमकाया और उसके वैवाहिक संबंधों में खलल डालने की कोशिश की। उन्होने आरोपी युवक की जमानत याचिका खारिज करने की गुहार की।
ट्रायल में समय लगेगा जमानत दी जाए वहीं, आरोपी युवक के अधिवक्ता गिरीश खंडेलवाल ने बहस करते हुए कहा कि आरोपी युवक पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। उसका मामला मजिस्ट्रेट द्वारा ट्रायल अपराध की श्रेणी में आता हैं। युवक का कोई आपराधिक रिकोर्ड नहीं है।
मामले की ट्रायल में समय लगेगा, युवक की उम्र 19 साल है, वह सैकण्ड ईयर में पढ़ता हैं। ऐसे में उसे जमानत का लाभ दिया जाए।
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