स्कूल के जर्जर भवन को गिराने का आदेश 10 साल से ठंडे बस्ते में पड़ा है।
झालावाड़ दुखांतिका के बाद शिक्षा विभाग प्रदेश की सभी जर्जर स्कूलों को जमींदोज करने में जुट गया है, लेकिन टोंक के आवां में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल पुराना जर्जर अभी भी घनी आबादी के बीच जस का तस है। शिक्षा निदेशक ने दस साल पहले भवन को जमींदोज करने
जानकारी के अनुसार- माध्यमिक शिक्षा के निदेशक (बीकानेर) ने इस स्कूल भवन को 16 अप्रैल 2015 को जमींदोज करने के आदेश विभागीय अधिकारियों को दिए थे। इसके बावजूद दूनी तहसील क्षेत्र के आवां गांव में स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल का यह जर्जर भवन आज भी गांव के बीचों-बीच खड़ा है।
40 वर्षों से बंद इमारत के गिरने की आशंका भवन के जर्जर होने के कारण यह आबादी क्षेत्र के लिए खतरा बना हुआ है। लोगों को आशंका है कि करीब 40 वर्षों से बंद यह इमारत कभी भी भरभरा कर गिर सकती है। हालांकि स्कूल में फिलहाल स्टूडेंट्स पढ़ाई नहीं करते, लेकिन यदि यह तीन मंजिला भवन ढह गया तो पास में घनी बस्ती होने के कारण जनहानि होने की आशंका है।
इस संबंध में पूर्व में भी तत्कालीन कलेक्टर चिन्मयी गोपाल से ग्रामवासियों और सरपंच दिव्यांश एम भारद्वाज ने मार्च 2022 को अनुरोध किया था। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को आदेश भी दिए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। जिला शिक्षा अधिकारी टोंक के पत्र दिनांक 4 अप्रैल, 2022 के अनुसार भी इस भवन को जमींदोज कर दिया जाना चाहिए था, लेकिन किसी भी आदेश पर कार्रवाई नहीं हुई।
ऐसे में झालावाड़ जिले के पीपलोदी गांव में स्कूल भवन गिर जाने से 7 मासूम बच्चों की मृत्यु हो गई, इसके बाद ग्रामीणों ने फिर से शिक्षा विभाग से मामले में कार्रवाई की मांग की है।

स्कूल भवन के अंदर के हिस्से में जगहजगह दीवारों में दरारें पड़ी हुई है।
प्रशासक बोले- कलेक्टर को सूचना दी थी आवां ग्राम पंचायत प्रशासक दिव्यांश एम भारद्वाज ने बताया- मैंने मार्च 2022 में तत्कालीन कलेक्टर को इस संबंध में लिखित में सूचना दी थी। उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि इस जर्जर इमारत को जल्द गिराया जाए, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। मैं फिर मांग करता हूं कि संभावित अनहोनी से बचने के लिए इस भवन को जल्दी जमींदोज किया जाए।
एडीपीसी रामगोपाल ने कहा- वाकई में भवन जर्जर, गिरने की आशंका है
समग्र शिक्षा के एडीपीसी रामगोपाल ने बताया- आवां स्कूल का पुराने भवन को जमींदोज करने के लिए सरपंच ने भी मांग की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने वहां की SDMC आवां को इस स्कूल भवन को जमींदोज करने के आदेश दिए थे। लेकिन बजट का अभाव बताकर कार्य नहीं करवाया। अब सोमवार को फिर इस भवन को जमींदोज करवाने के मामले को कलेक्टर के सामने रखूंगा। इसका जमींदोज करवाने का प्रयास करूंगा। यह भवन वाकई काफी जर्जर है और गांव के बीच में है। इसके गिरने की आशंका है।
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