पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि वसुंधरा राजे अगर फिर से मुख्यमंत्री बनतीं तो मजा आता। यह मौका उनकी पार्टी वाले उन्हें नहीं दे रहे हैं, हमें इस बात का दुख भी है। वसुंधरा राजे अनुभवी हैं, उनको मौका क्यों नहीं मिल रहा है।
बीजेपी की नेचुरल चॉइस वसुंधरा होनी चाहिए थीं और वह नहीं हुईं तो मैं क्या कर सकता हूं। राजे के किससे क्या संबंध, यह मुझसे क्यों पूछ रहे हो।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने वसुंधरा राजे और सीएम भजनलाल शर्मा की जोधपुर में मोहन भागवत से हुई मुलाकात के सवाल पर ये बातें कहीं।
गहलोत शनिवार को अजमेर दौरे पर आए थे। उन्होंने रविवार सुबह 9 बजे अजमेर के सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसके बाद जयपुर के लिए रवाना हो गए।

सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अशोक गहलोत जयपुर के लिए निकल गए।
भागवत ने जोधपुर को चुना, बड़ी कृपा
मोहन भागवत के जोधपुर दौरे के सवाल पर गहलोत ने कहा कि भागवत ने जोधपुर को चुना, बड़ी कृपा है उनकी, मैं उम्मीद करता हूं कि जोधपुर से जो संदेश जाएगा वह अच्छा संदेश होगा। जोधपुर का एक अलग इतिहास है। मैं चाहूंगा कि प्यार, मोहब्बत और भाईचारे का संदेश भागवत की ओर से दिया जाना चाहिए।
गहलोत ने कहा…

यह जो काशी-मथुरा की बातें की जा रही हैं वे उचित नहीं हैं। ये देश के अंदर दंगा भड़का देंगे। क्यों नई बातें छेड़ी जा रही हैं। मोहन भागवत कभी अच्छी बातें बोल देते हैं… हिंदुस्तान में रहने वाले सभी भारतीय हैं।

गहलोत ने कहा कि भागवत अच्छी बातें बोलते-बोलते बीच में फॉल्ट कर जाते हैं। उन्होंने कहा कि काशी और मथुरा में हम नहीं हमारे स्वयं सेवक जा सकते हैं। बिना स्वयंसेवक के RSS क्या है? भागवत से पूछना चाहता हूं कि आपने कह दिया RSS भाग नहीं लेगा, हमारे स्वयंसेवकों को छूट है, अगर स्वयं सेवकों को छूट है, तो वह ही RSS है ना मतलब। ऐसी बातें क्यों की जा रही हैं। पूरा देश चिंतित है, अभी बोल नहीं रहा, इंतजार कर रहा है। यह किस दिशा में जाना चाहते हैं।
आयुष्मान स्कीम सिर्फ पात्र लोगों के लिए
गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री आयुष्मान स्कीम का डॉ. मनमोहन सिंह के समय में सोशल इकॉनोमिक कास्ट सेंसस सर्वे हुआ था। सर्वे में पात्र पाए गए लोगों के लिए यह स्कीम है। लोग समझ नहीं पा रहे हैं। हमारी हेल्थ स्कीम पूरे राजस्थान के लोगों के लिए है। इतनी बड़ी स्कीम को कमजोर करने का क्या मतलब है।
गहलोत ने कहा…

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सलाहकार कौन हैं? मैं इसकी खोज कर रहा हूं। कम से कम वह मुझसे मिलें तो मैं उन्हें जाकर कहूं कि आप जाकर समझाओ। सारी बातें मुख्यमंत्री जनहित में करें। पहली बार मुख्यमंत्री बनना अनुभवी नहीं होता।

भजनलाल के लिए हमें बोलना तो पड़ेगा
गहलोत ने कहा कि हम भजनलाल को कब तक छोड़ेंगे, उनके बारे में बोलना तो पड़ेगा। इसलिए मैं कह रहा हूं कि आपके बारे में दिल्ली, राजस्थान व गांव में क्या हो रहा है, कृपा करके इसके बारे में पता कर लें। मैं विरोधी नहीं हूं, विरोधी पक्ष में हूं। व्यक्तिगत विरोधी नहीं हूं, उन्हें इस बात को समझना चाहिए।

Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments