गुजरात और राजस्थान में रेप मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 86 साल के आसाराम को गुजरात हाईकोर्ट से एक बार फिर राहत मिली है। हाईकोर्ट ने इलाज के लिए आसाराम की अंतरिम जमानत 21 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी है। अब आसाराम की ओर से जोधपुर मामले में भी राज
इससे पहले आसाराम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में आसाराम की ओर से अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका दायर की गई थी। सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई से इनकार करते हुए 30 जुलाई को याचिका खारिज कर दी थी। साथ ही आसाराम को इसके लिए गुजरात हाईकोर्ट जाने को कहा था।
राजस्थान हाईकोर्ट में सजा स्थगन अपील भी है लंबित जोधपुर में 2013 के नाबालिग से रेप के मामले में आसाराम की सजा के विरुद्ध अपील लंबित है। आसाराम को 2018 में जोधपुर की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने ताउम्र कारावास की सजा सुनाई थी। उसी के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में अपील दायर कर रखी है। यह अपील 21 जुलाई और 25 जुलाई और 1 अगस्त को सूचीबद्ध हुई थी, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी थी।
वहीं, राजस्थान हाईकोर्ट ने जनवरी 2025 में आसाराम को 31 मार्च तक मेडिकल ग्राउंड पर अस्थायी जमानत दी थी। इसके बाद अप्रैल में गुजरात हाईकोर्ट से मिली राहत खत्म होने पर राजस्थान हाईकोर्ट ने पहले जमानत बढ़ाने से मना कर दिया था और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन न करने और कथित उपदेश देने के आरोपों पर हलफनामा मांगा था।
बाद में गत 8 जुलाई को राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने आसाराम की अंतरिम जमानत को 12 अगस्त तक बढ़ाया था। इस अवधि के खत्म होने से पहले गुजरात हाईकोर्ट से राहत मिलने से तय माना जा रहा है कि अब आसाराम की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में भी अंतरिम जमानत बढ़ाने के लिए अपील की जाएगी।


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