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राजस्थान साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 80 लाख रुपए साइबर फ्रॉड के हाई प्रोफाइल मामले में एक शातिर ठग को अरेस्ट किया है। गिरफ्तार आरोपी के ही बैंक अकाउंट में ठगी के 80 लाख रुपए की रकम ट्रांसफर की गई थी। मुंबई क्राइम ब्रांच का अफसर बनकर ठगी की रकम 82 साल
एसपी (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह ने बताया- साइबर फ्रॉड के हाई प्रोफाइल मामले में आरोपी सोवन मंडल (30) पुत्र संतोष निवासी धूलिया हावड़ा पश्चिम बंगाल को अरेस्ट किया है। अजमेर की रहने वाली 82 साल की महिला से 23 से 30 नंवबर-2024 के बीच साइबर फ्रॉड हुआ था। वॉट्सऐप कॉल के जरिए मुंबई साइबर क्राइम ब्रांच का अफसर बनकर ठगी की गई थी। 8 दिनों तक बुजुर्ग महिला को साइबर फ्रॉड गैंग के बदमाशों ने डिजिटल अरेस्ट रखा। कानूनी कार्रवाई से बचाने के नाम पर 80 लाख रुपए बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवाकर ऐंठे थे।
पीछा करते हुए मेन अकाउंट होल्डर तक पहुंचे साइबर क्राइम पुलिस ने मामले की जांच करने पर पता चला कि ठगी की रकम एक ही बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवाई गई। मेन अकाउंट होल्डर के बारे में जानकारी जुटाई गई। ठगी की रकम ट्रांसफर होने वाला बैंक अकाउंट सोवन मंडल का होने का पता चला। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई कर साइबर फ्रॉड गिरोह के शातिर सोवन मंडल को धर-दबोचा। राजस्थान साइबर क्राइम पुलिस की टीम गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है।
150 खातों में पहुंची राशि, क्रिप्टो में बदल रहे थे रुपए जांच में खुलासा हुआ है कि सोवन मंडल के खाते से आए 80 लाख की रकम आगे 150 से अधिक अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। सभी संदिग्ध खाताधारकों की पहचान की जा रही है। जांच में सामने आया है कि ठगी की गई रकम को विभिन्न खातों से होते हुए कैश निकासी के माध्यम से यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदला जा रहा था, जिससे रुपयों को ट्रैक करना मुश्किल हो जाए।
18 आरोपी गिरफ्तार, बड़ी बरामदगी इस मामले में पहले भी 18 अन्य आरोपियों को अरेस्ट किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 13 लाख कैश, 27 मोबाइल, 16 सिम कार्ड, विभिन्न बैंकों की 19 पासबुक, 15 चेकबुक व 43 डेबिट कार्ड, 13 पैन कार्ड/आधार कार्ड, 1 लैपटॉप और 1 स्विफ्ट वीडीआई कार बरामद की गई।
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