झुंझुनूं में पिछले 5 सालों में हथियार के 65 लाइसेंस जारी हुए हैं। इसमें अकेले साल 2025 में 35 लाइसेंस जारी हुए हैं। इसमें पूर्व कलेक्टर रामावतार मीणा ने 11 महीने में 33 लाइसेंस दे दिए। वहीं ऐसे 2 लाइसेंस थे जो झूठी जानकारी के आधार पर लिए जा रहे थे जि
इसमें सेल्फ डिफेंस और स्पोर्ट्स पर्सन को सबसे ज्यादा हथियार दिए गए थे।
दैनिक भास्कर में पढ़िए हथियार लाइसेंस की ये खास रिपोर्ट
2025 में 30 लाइसेंस जारी
- 2020 में जहां केवल 5 लाइसेंस दिए गए थे, वहीं 2021 में यह आंकड़ा 18 तक पहुंच गया।
- इसके बाद 2022 में अचानक यह संख्या घटकर सिर्फ 3 रह गई और 2023 में 6 लाइसेंस जारी हुए। 2024 में भी केवल 3 लाइसेंस दिए गए।
- लेकिन 2025 में हालात बिल्कुल उलट गए। इस साल के 9 महीनों में ही अब तक 30 हथियार लाइसेंस जारी हो चुके हैं।
- यानी अकेले 2025 का आंकड़ा पिछले चार साल के कुल 35 लाइसेंस के लगभग बराबर बैठता है।
अब पढ़िए कलेक्टर का बयान
लाइसेंस प्रक्रिया को लेकर जिला कलेक्टर अरुण गर्ग ने कहा- जिले में 2020 से लेकर अब तक कुल 65 हथियारों के लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। यह पूरी तरह से तय मानकों और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत हुआ है। समाज में सुरक्षा और आत्मरक्षा की जरूरत को देखते हुए लोग आवेदन करते हैं। विभाग उनकी पात्रता की जांच करने के बाद ही लाइसेंस जारी करता है। प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है कि कहीं भी इन लाइसेंस का दुरुपयोग न हो।
आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में 65 हथियार लाइसेंस जारी करने के साथ-साथ 2 लाइसेंस निरस्त भी किए गए। निरस्तीकरण आमतौर पर दुरुपयोग, कानूनी उल्लंघन या झूठी जानकारी देने पर किया जाता है।

समाजशास्त्री बोले- सामाजिक प्रतिष्ठा भी एक मुद्दा
समाजशास्त्री डॉ. सुशील त्यागी ने बताया कि हथियार रखना सामजिक प्रतिष्ठा भी बन गया है। लोग अपनी सुरक्षा से भी जोड़कर देखते हैं। झुंझुनूं जिले का सामाजिक ताना-बाना परंपरागत रूप से सैन्य और किसान पृष्ठभूमि वाला है। यहां बड़ी संख्या में युवा सेना और अर्धसैनिक बलों में भर्ती होते हैं।
इसी पृष्ठभूमि में हथियारों को शौक और प्रतिष्ठा का प्रतीक भी माना जाता है। दूसरी ओर इससे अपराध और गैरकानूनी गतिविधियों की आशंका भी बढ़ जाती है।
केस 1
सुभाष पुत्र लाल चंद राव निवासी वार्ड नंबर 19 चिड़ावा ने आत्मरक्षा के लिए हथियार लाइसेंस लिया है।
केस 2
अक्षय पुत्र राजेश कुमार निवासी चौहानों की ढाणी पुलिस थाना चिड़ावा ने हथियार लाइसेंस के लिए अप्लाई किया जिसने स्पोर्ट्स पर्सन होने का हवाला देते हुए हथियार लिया।
केस 3
जोगेंद्र पुत्र श्रवण कुमार निवासी राणासर पुलिस थाना सदर ने स्पोर्ट्स पर्सन का हवाला देते हुए हथियार लिया है।
केस 4
पवन कुमार हर्षवाल पुत्र रामनिवास, बिजनाई का बास रघुनाथपुरा तहसील झुंझुनूं सिक्योरिटी गार्ड के लिए लाइसेंस का आवेदन किया है।

शादी में हो चुकी है हवाई फायरिंग
इसी साल 11 मई 2025 को श्योपुरा ढाका का बास गांव में एक शादी समारोह में हवाई फायरिंग की घटना सामने आई। बारात के दौरान युवकों ने खुलेआम पिस्टल लहराते हुए लगातार आठ राउंड फायरिंग की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पीड़ित पक्ष के बृजलाल ने मंडावा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिसमें पंचायत समिति के पूर्व सदस्य के बेटे निखिल बराला और अन्य के खिलाफ नामजद शिकायत दी गई। पुलिस ने जांच कर आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार किया और उसके पास से हथियार भी जब्त कर लिया। लाइसेंस निरस्त किया।
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