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बीमित कर्मचारियों के परिवारों का वर्षों पुराना सपना है कि उनके बेटे-बेटियां भी डॉक्टर बनें। इस सपने को साकार करने के लिए जयपुर में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को एमबीबीएस की 50 सीटों की अनुमति का इंतजार है। केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलते ही इनमें से 18 सीटे
नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) दिल्ली दो बार कॉलेज का निरीक्षण कर चुका है। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) भी संबद्धता की सहमति दे चुका है। अनुमति मिलने के बाद एसएमएस मेडिकल कॉलेज और आरयूएचएस के बाद ईएसआईसी जयपुर तीसरा सरकारी मेडिकल कॉलेज होगा।
इलाज में आएगा बड़ा बदलाव ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. राजेश चेतीवाल के अनुसार कॉलेज खुलने के बाद यहां आने वाले मरीजों को आधुनिक जांच और इलाज की सुविधा मिलेगी। जीवन रक्षक उपकरणों से लैस आईसीयू, एमआरआई-सीटी स्कैन, डायलिसिस, कैथ लैब, इम्यूनो-एस्से लैब, वायरोलॉजी लैब, एनसीवी, टू-डी ईको, हॉल्टर जैसी जांचें, दिल, कैंसर और लिवर जैसे गंभीर रोगों का इलाज। कॉलेज में विभागों की उपलब्धता से न केवल मरीजों को फायदा होगा, बल्कि शोध के अवसर भी बढ़ेंगे।
जमीन और विस्तार की योजना शुक्रवार को हुए एक समारोह में सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय को देखते हुए ईएसआईसी अस्पताल को झालाना स्थित संस्थानिक क्षेत्र में जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी। ऐसा होने पर न सिर्फ कॉलेज की सीटें बढ़ेंगी, बल्कि नए विभाग भी जोड़े जा सकेंगे।
राजस्थान का तीसरा मेडिकल कॉलेज होगा, एमबीबीएस की 50 सीटों के लिए गाइडलाइन के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी
- फैकल्टी और आधारभूत ढांचा – एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री विभाग की फैकल्टी, स्किल लैब, लाइब्रेरी, लेक्चर थिएटर, कैंटीन और पार्किंग।
- इंफ्रास्ट्रक्चर – निशक्तजनों के लिए रैंप और विशेष टॉयलेट, पुरुष व महिला के लिए अलग हॉस्टल, इमरजेंसी, ब्लड बैंक।
- अस्पताल व्यवस्था – 220 बेड, आईसीयू, मोर्चरी और सामान्य जांच सुविधाएं।
- सुरक्षा व प्रबंधन – बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट कमेटी, संक्रमण रोकने की व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरे।
- फैकल्टी स्ट्रेंथ – 16 प्रोफेसर, 26 एसोसिएट प्रोफेसर, 39 असिस्टेंट प्रोफेसर और 40 सीनियर रेजिडेंट।
देश के अन्य बड़े शहर जैसे बैंगलुरु, दिल्ली, नागपुर, लखनऊ और चेन्नई में पहले से तीन या उससे ज्यादा सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं।
छात्रों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया; इधर, स्टेट कोटे की नीट-यूजी 2025 की दूसरे राउंड की काउंसलिंग चल रही है। चेयरमैन डॉ. राकेश जैन और को-चेयरमैन डॉ. बी.एल. कुमावत ने कहा है कि 30 सितंबर तक दस्तावेज़ वेरिफिकेशन अनिवार्य है। छात्रों को मूल प्रमाण पत्र, फोटो कॉपी और पासपोर्ट साइज फोटो लाना जरूरी होगा।
“एनएमसी नई दिल्ली की ओर से निरीक्षण कर चुकी है। आरयूएचएस जयपुर की ओर से संबद्धता की सहमति दे दी है। कुछ पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द की जाएगी। अब केन्द्र सरकार की ओर से एलओपी का इंतजार है। इसकी अनुमति मिलने से निश्चित रूप से जरूरतमंदों को लाभ मिलेगा।” -डॉ.आर.पी.मीणा, अधीक्षक, ईएसआईसी मॉडल अस्पताल जयपुर
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