☜ Click Here to Star Rating


प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजयोग भवन में नवरात्रि महोत्सव में मौजूद दीदियां।

टोंक में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शाखा के राजयोग भवन में रविवार को नवरात्रि महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम की खास झलक चैतन्य देवियों का श्रृंगार रही, जिसमें ब्रह्माकुमारी बहनों को दिव्य स्वरूप में सजाया गया।

.

चैतन्य देवियों से सकारात्मक वाइब्रेशन

यह चैतन्य देवियां कोई और नहीं बल्कि परमात्म ज्ञान व राजयोग से अपना जीवन पवित्र बनाकर संयम के मार्ग पर चलने वाली ब्रह्माकुमारी बहने है जिन्होंने परमपिता परमात्मा शिव को पति के रूप में स्वीकार कर अपना संपूर्ण जीवन मानव कल्याण के लिए समर्पित किया है।

श्रृंगार के दौरान ब्रह्माकुमारी बहनों ने फूलों की मालाएं और लाल चुनरी धारण की। उनका यह स्वरूप वहां मौजूद श्रद्धालुओं को शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। इन बहनों ने परमात्म ज्ञान और राजयोग को अपनाकर अपना जीवन मानव कल्याण के लिए समर्पित किया है।

कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं, युवतियां आदि।

कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं, युवतियां आदि।

नवरात्रि आत्मशक्ति जागरण का पर्व

कार्यक्रम में सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी अपर्णा दीदी ने कहा –

QuoteImage

नवरात्रि मनुष्य को आत्मशक्ति जगाने और जीवन को सकारात्मक दिशा देने का यादगार पर्व है।

QuoteImage

उन्होंने बताया कि माताएं स्नेह और वात्सल्य की धनी होती हैं, लेकिन उनमें असुर-संहारनी का रूप भी छिपा होता है। हर नारी अगर अपने संस्कार श्रेष्ठ बना ले तो वह सचमुच चैतन्य देवी बनकर समाज को दिशा दे सकती है। वास्तव में नारियां अपने संस्कारों को श्रेष्ठ बना ले तो स्वर्ग का द्वार खोलने वाली चैतन्य देवियां बन सकती है।

दुर्गा शक्ति विकारों का करती है संहार

पुरानी टोंक सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी ऋतु दीदी ने नवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए कहा कि नवरात्रि पर हम देवी दुर्गा मां के नौ स्वरूपों की आराधना करते है, जिनके हाथों में अस्त्र शस्त्र और चरणों में असुरों, दानवों को दिखाते है। वास्तव देवी दुर्गा मां पवित्रता व दिव्यता का प्रतीक है। इस योग और परमात्म ज्ञान के माध्यम से हम अपने भीतर की बुराइयों को खत्म कर सकते हैं।

नारी कर्तव्य का पर्व है नवरात्रि

बनेठा सेवा केंद्र प्रभारी बीके अनीता दीदी ने कहा –

QuoteImage

नवरात्रि, नारी कर्तव्य का यादगार पर्व है वास्तव में हर नारी पूजनीय, वंदनीय और शक्तियों से भरपूर है। परंतु आज नारी अपनी शक्तियों को भूल चुकी है। लेकिन परमात्म ज्ञान योग को अपनाकर वह पुनः सर्वगुण सम्पन्न और विश्व कल्याणकारी बन सकती है।

QuoteImage

कई सेवा केंद्रों की रही सहभागिता

इस मौके पर चौथ का बरवाड़ा सेवा केंद्र प्रभारी बीके बीना दीदी, निवाई सेवा केंद्र प्रभारी बीके रेखा दीदी, बीके सुनीता दीदी, बीके गुंजन दीदी, रानोली सेवा केंद्र प्रभारी बीके सोभा दीदी सहित बड़ी संख्या में भाई-बहन मौजूद रहे।



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading