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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के राजयोग भवन में जन्मोत्सव अभिनंदन समारोह में मौजूद अतिथि व अन्य।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजयोग भवन में जन्मोत्सव अभिनंदन समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन बीके मदन भाई एवं बीके कस्तूरी माताजी के जन्मदिन के अवसर पर किया गया।

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बीके मदन भाई एवं बीके कस्तूरी माताजी पिछले 20 वर्षों से संस्थान से जुड़कर घर गृहस्थ को संभालते हुए अपने जीवन को पवित्रता के पथ पर अग्रसर हैं।

इस मौके पर सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी अपर्णा दीदी ने कहा कि ईश्वरीय ज्ञान की धारणा के लिए गृह त्याग से अधिक मनोविकारों का त्याग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में परिवार और संबंधों में विकृतियां उत्पन्न हो रही हैं, ऐसे में ईश्वरीय ज्ञान की धारणा कर निस्वार्थ भाव और व्यवहार में समरसता से परिवार और समाज को एकजुट किया जा सकता है।

आज देश-विदेश में लाखों लोग ऐसे हैं, जो घर, गृहस्थ में रहते हुए ईश्वरीय ज्ञान व सहज राजयोग से स्वयं सशक्त बनाकर घर परिवार एवं समाज सहित मानव कल्याण की सेवा में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ईश्वरीय ज्ञान से न सिर्फ स्वयं के व्यवहार सकारात्मक परिवर्तन होता है,बल्कि परिवार में संबंधों में मधुरता आने से घर परिवार का माहौल मंदिर जैसा बन जाता है।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजयोग भवन में जन्मोत्सव अभिनंदन समारोह में मौजूद महिलाएं, युवतियां व अन्य।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजयोग भवन में जन्मोत्सव अभिनंदन समारोह में मौजूद महिलाएं, युवतियां व अन्य।

इस मौके पर पुरानी टोंक सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी ऋतु दीदी ने कहा कि ईश्वरीय ज्ञान एवं सहज राजयोग को जीवन में अपनाने से हमारी आध्यात्मिक उन्नति तो होती है साथ ही हमारा जीवन मानसिक तनाव से मुक्त जीवन शैली प्रदान करता है। घर गृहस्थ में रहते हुए जब हम नियमित रूप से राजयोग ध्यान और ईश्वरीय ज्ञान का अध्ययन करते है तो जीवन की हर परिस्थिति में स्वयं को संतुलित करने की शक्ति मिलती हैं। उन्होंने कहा इस ज्ञान से अपने विचारों,भावनाओं और कर्मों के मूल्यांकन कर उसे सकारात्मक दिशा की ओर मोड़ा जा सकता है।

टोडारायसिंह सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी पूनम दीदी ने मनन, चिंतन और लेखन संबंधित वर्कशॉप करवाई। उन्होंने कहा कि ईश्वरीय ज्ञान को केवल सुनना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उसे हमारी दैनिक दिनचर्या में उपयोग में लाना आवश्यक है। जिससे हमारा मनोबल और एकाग्रता में वृद्धि होती हैं इसके साथ ही यह ज्ञान हमे शुद्ध आहार और व्यवहार करना सिखाता है जिससे तन के स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ मन का भी शुद्धिकरण होता है।

इस मौके पर बीके मदन भाई ने देवली सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी निर्मल दीदी, निवाई सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी रेखा दीदी, बनेठा सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी अनीता दीदी, रानोली सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी शोभा दीदी, राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी सुनीता दीदी ब्रह्माकुमारी गुंजन दीदी, बीके पांचू भाई सहित सभी ब्रह्माकुमारी दीदियों का पुष्पमाला व सोल देकर स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर बड़ी संख्या में संस्थान से जुड़े सदस्य मौजूद रहे।



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