चित्तौड़गढ़ में अनंत चतुर्दशी का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस दिन पूरे शहर में ढोल-नगाड़ों और डीजे पर भजनों की धुन बज रही थी। लोग बप्पा की शाही सवारी के साथ झूमते-नाचते दिखाई दिए। गणपति बप्पा की विदाई यात्रा के लिए शहरवासी बड़ी संख्या में सड़
झांकियों की शानदार शुरुआत, देर रात तक झूमते रहे भक्त
अनंत चतुर्दशी की झांकियों की शुरुआत शनिवार देर शाम से हुई, जो सुबह तक जारी रही। लाइसेंसधारी झांकी आयोजकों ने गांधी चौक पर अपनी मूर्तियों के साथ एकत्र होकर यात्रा की शुरुआत की। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि शोभायात्रा गोल प्याऊ से आगे बढ़ नहीं सकी। लोग डीजे की धुन पर नाचते हुए शोभायात्रा में शामिल होते रहे।
गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन गम्भीरी नदी में किया गया। श्रद्धालु अपने साथ मूर्तियां लेकर नदी के किनारे पहुंचे। हालांकि, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गोताखोरों ने छोटी मूर्तियां लेकर उन्हें नदी में विसर्जित किया। इस दौरान नदी के आसपास पुलिस बल तैनात रहा ताकि कोई दुर्घटना न हो।

अखाड़ा प्रदर्शन ने किया सबको आकर्षित।

देर रात तक डीजे की धून पर झूमे लोग।
रातभर दिखा पुलिस और प्रशासन का सतर्क पहरा
चूंकि भीड़ बहुत ज्यादा थी, इसलिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। जिला कलेक्टर आलोक रंजन, एसपी मनीष त्रिपाठी, एडिशनल एसपी सरिता सिंह, डीएसपी विनय चौधरी और कई थानों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस जाब्ता रातभर तैनात रहा ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। एसडीएम बीनू देवल, UIT सचिव कैलाश गुर्जर और तहसीलदार विपिन चौधरी जैसे कई प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे।
लड्डू वितरण और खाने के स्टॉल्स पर भी भीड़
कार्यक्रम के दौरान खाने के काउंटरों पर देर रात तक लोगों की भीड़ लगी रही। विधायक चंद्रभान सिंह आक्या की ओर से लड्डुओं का वितरण किया गया। यह लड्डू प्रसाद सभी को बहुत पसंद आया और इसे लेने के लिए लंबी कतारें लगीं।
झांकी यात्रा के दौरान पहलवानों ने अखाड़े में अपने करतब दिखाए। अलग-अलग प्रकार के दांव-पेंच और शारीरिक कौशल ने लोगों का खूब मनोरंजन किया। नगर परिषद के पूर्व सभापति सुशील कुमार शर्मा द्वारा किया गया अखाड़ा प्रदर्शन खास आकर्षण का केंद्र बना रहा।
पूरा शहर बना उल्लास का केंद्र
पूरे चित्तौड़गढ़ में अनंत चतुर्दशी का यह पर्व एक त्योहार से कम नहीं रहा। शहर के हर कोने में भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक रंग बिखरे हुए थे। लोगों ने मिल-जुलकर इस पर्व को मनाया और बप्पा को पूरे सम्मान और प्रेम के साथ विदा किया।

सांवलिया जी के रूप में दिखे गणपति बप्पा।

अखाड़ा प्रदर्शन ने जमाया रंग।
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