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हाई-वे वाया खाई-वे। जगतपुरा से आगरा रोड की ओर अपने घरों में जाने वाले कॉलोनीवासी वाहन चालकों को शहर सीमा में ही टोल चुकाना पड़ रहा है। रिंग रोड पर जबरन टोल वसूली से आमजन परेशान है। हालात ऐसे हैं कि बिना टोल चुकाए कोई वैकल्पिक मार्ग से सीधा जाना चाहे त

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  • राजधानी के जगतपुरा, खातीपुरा, इंदिरागांधी नगर, मालवीय नगर, प्रताप नगर, सांगानेर में रहने वाले लोगों को आगरा रोड की निगम क्षेत्र की 200 काॅलोनियाें में जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। करीब 5 हजार स्थानीय लोगों के वाहन यहां से रोजाना निकलते हैं।
  • आगरा रोड से अजमेर रोड के बीच में बनी रिंग रोड पर एनएचएआई के दो टोल हैं। इन दोनों टोल से हर दिन निकलने वाले वाहनों से 16 लाख रुपए का टोल वसूला जा रहा है।

भास्कर सवाल; स्थानीय लोग शहरी सीमा में ही टोल क्यों दें?

रिंग रोड पर आगरा के पास स्थित टोल शहरी सीमा में आता हैं। आगरा रोड कानोता और 20 किमी आगे बस्सी तक जेडीए ने कॉलोनी तक काट दी है। शहरी बसावट भी हो चुकी है। सवाल यह है कि रोजाना आने-जाने वाली कॉलोनी के लोगों को टोल में छूट क्यों नहीं मिलनी चाहिए?

इस फोटो से समझिए कॉलोनी वालों की जेब कैसे काटी जा रही?

52 फीट हनुमानजी की ओर जाने वाला रास्ता। कॉलोनी वाले दिनभर बड़े वाहनों के आने-जाने से परेशान रहते हैं।

सड़क तोड़ने पर 5 साल तक की कैद, जुर्माना सड़क तोड़ने या नुकसान पहुंचाने पर आईपीसी की धारा 431 के तहत सार्वजनिक मार्ग, नदी या सेतु को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्ति को 5 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

“मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। मौके की वस्तु स्थिति को देखकर कुछ कहा जा सकता है।” -अजय आर्य, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई



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