अजमेर के वरूण सागर की चादर चल रही है, वहीं पिछले दिनों हुई बरसात में जलभराव की स्थिति हुई।
अजमेर में अब तक औसत से ज्यादा बरसात हो चुकी है। अजमेर जिले में औसत बरसात 550 एमएम होती है। लेकिन पिछले डेढ़ माह में अब तक 672 एमएम बरसात हो चुकी है। वहीं पिछले साल जुलाई से इस बार जुलाई में चार गुना बरसात ज्यादा हुई है।
वरूण सागर सहित 38 तालाब बांध लबालब है और वर्तमान में वरूण सागर सहित 26 बांध तालाब ओवरफ्लो है। मौसम विभाग के अनुसार-अगस्त माह में बरसात भी सामान्य होने के ही आसार है।

जुलाई माह में आनासागर का जल स्तर 17 फीट तक पहुंच गया और जलभराव की स्थिति हुई। इसके बाद पानी की निकासी की। क्षमता 13 फीट से भी वर्तमान में जल स्तर 10 फीट ही है।
पिछले साल एक जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2024 तक 161 एमएम बरसात दर्ज की गई। जबकि इस साल 1 जुलाई 2025 से 31 जुलाई 2025 तक 659 एमएम बरसात दर्ज की गई।
अजमेर में इस बार 3 जुलाई को 106, 18 जुलाई को 72 एमएम व 19 जुलाई को 123 एमएम बरसात हुई।
ऐसे में कई क्षेत्रों में 18 व 19 जुलाई को हुई बरसात के कारण जल भराव की स्थिति हो गई। मुख्य मार्ग व कॉलोनियों में पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

अजमेर में जुलाई माह के दौरान हुई बरसात से जलभराव की स्थिति हो गई थी। मुख्य मार्ग सहित कई कॉलोनियों में पानी भर गया था। हालाकिं अब हालात सामान्य है।
जलभराव से बचाने के लिए घटाया आनासागर का जलस्तर
अजमेर की आनासागर झील की भराव क्षमता 13 फीट है। लेकिन इस बार इसमें पानी का भराव 17 फीट तक पहुंच गया। जिसके बाद जगह जगह जल भराव की स्थिति हो गई। इसके बाद प्रशासन ने पानी की निकासी शुरू की और वर्तमान में इसका जलस्तर 10 फीट रखा गया है। ताकि तेज बरसात होने पर पानी इसमें भर सके। और जलभराव की स्थिति नहीं हो।

यहां जमकर बरसे बदरा
- बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार-अजमेर में अब तक 672 एमएम बरसात दर्ज हुई है। जिले में सबसे ज्यादा नसीराबाद में अब तक 913 एमएम बरसात दर्ज की गई। इसी प्रकार गोयला में 693, केकड़ी में 601, मसूदा में 607, पुष्कर में 557, किशनगढ़ में 455, ब्यावर तहसील में 427, ब्यावर सहायक अभियंता में 500, सरवाड़ पुलिस थाने में 603 एमएम बरसात दर्ज की गई।

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