☜ Click Here to Star Rating



ट्रांसफार्मर की जियो टैगिंग करता कर्मचारी।

बिजली तंत्र को स्मार्ट ग्रिड मैनेजमेंट में बदलने और डिजिटलाइजेशन की शुरुआत देश में पहली बार राजस्थान ने की है। पहल को ‘डिजिटल ट्विन’ नाम दिया है। इससे ग्रिड की दक्षता बढ़ेगी। बिजली की उपलब्धता, इस्तेमाल व खराबी जैसी जानकारी रियल टाइम मिलेगी। ‘कुसुम य

.

जयपुर डिस्कॉम ने तीन सर्किल, कोटपुतली, भिवाड़ी और अलवर में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके लिए रॉक फेलर फाउंडेशन से जुड़ी संस्था ग्लोबल एनर्जी एलायंस फॉर पीपुल एंड प्लेनेट से हाथ मिलाया है। टोंक, दौसा, जयपुर जिला नॉर्थ व साउथ में भी प्रोजेक्ट लॉन्च किया है। इसके बाद प्रोजेक्ट को जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम में शुरू करने की योजना है।

जानिए, कैसे बिजली तंत्र डिजिटल प्लेटफार्म पर शिफ्ट होगा, काम करेगा

  • संस्था ‘जीऐप‘ ने तकनीकी एवं ऑपरेशनल पार्टनर के सहयोग से एक स्मार्ट ग्रिड प्लेटफॉर्म “एज इलेक्ट्र’ विकसित किया है। यह ग्रिड की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी को बेहतर बनाएगा।
  • यह प्लेटफॉर्म वितरण कंपनियों को रियल टाइम बिजली की जानकारी देगा। साथ ही बिजली आपूर्ति की स्थिति, लोड की रियल टाइम निगरानी करेगा।
  • विद्युत तंत्र में आई खराबी की पूर्व चेतावनी के साथ ही एआई आधारित मांग-पूर्वानुमान तुरंत मिलेगा।
  • डिस्कॉम के इंजीनियर्स इस प्लेटफॉर्म से रिमोट स्थान पर बैठे हुए लोड फ्लो का सही विश्लेषण कर सकेंगे। बेहतर विद्युत आपूर्ति, फाल्ट या अन्य कोई व्यवधान आने पर त्वरित मेंटीनेंस होगा।

फीडर, ट्रांसफार्मर व पोल तक की मैपिंग

आईआईटी कानपुर के इंजीनियर्स ने पोल, ट्रांसफार्मर, बिजली लाइनों, फीडर तथा ग्रिड सब स्टेशनों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए डिजिटल मैपिंग शुरू की। उन्होंने 250 से अधिक मैपर्स को तैयार कर उनके लिए लाइनमैन मोबाइल ऐप विकसित किया। तीनों सर्किलों के डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर, लाइन, पोल, फीडर तथा जीएसएस के फोटो खींचकर उन्हें जियो टैग कर उनका डेटा इस ऐप में फीड किए। प्रत्येक ट्रांसफार्मर, बिजली के खंभे, सब स्टेशन एवं फीडर की लोकेशन मौजूद होने से कम समय में मेंटेनेंस करना संभव होगा। इससे डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर्स के क्षमता से अधिक लोड होने पर होने वाली क्षति को रोका जा सकेगा।

इन टूल से होगा डिजिटलाइजेशन

एआई चैट असिस्टेंट डिस्कॉम के इंजीनियर्स को चैट जीपीटी जैसे इंटरफ़ेस के माध्यम से ग्रिड डेटा का विश्लेषण करने में सक्षम बनाएगा। चार्ट व ग्राफ के ज़रिए तुरंत निर्णय प्रक्रिया को तेज़ व सटीक बनाएगा।

नेटवर्क मॉडलिंग पूरे नेटवर्क को ऑनलाइन देखने की क्षमता प्रदान करेगा। पावर लॉस, ओवरलोड और वोल्टेज की पहचान कर रखरखाव को बेहतर बनाएगा।

लाइनमैन एप लाइनमैन को जियो-टैगिंग, सत्यापन व अपडेट सुविधा देता है। नेटवर्क का डिजिटलाइजेशन सुनिश्चित करता है। नए सौर संयंत्रों की जानकारी तत्काल जोड़ेगा।

मैप सीन गूगल मैप जैसे लाइव नेटवर्क सीन उपलब्ध कराएगा। एसेट लोकेशन, पावर फ्लो और फील्ड समन्वय को आसान और प्रभावी बनाएगा।

जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम में भी शुरु करेंगे “देश में पहली बार जयपुर डिस्कॉम में रॉक फेलर फाउंडेशन के सहयोग से ग्रिड डिजिटलाइजेशन शुरू किया है। रियल टाइम बिजली की जानकारी से लोड फ्लो मैनेजमेंट आसान होगा। प्रोजेक्ट सफल होने के बाद जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम में शुरुआत होगी।”

– आरती डोगरा, चेयरमैन, डिस्कॉम्स



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading