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पिछले दिनों आसाराम इंदौर के अस्पताल में नजर आया था।

गुजरात हाईकोर्ट से 21 अगस्त तक राहत मिलने के बाद अब आसाराम की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत बढ़ाने के लिए अपील की गई है। नाबालिग से रेप केस में दोषी आसाराम की ओर से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने का हवाला देते हुए पूर्व में गुजरात हाइकोर्ट

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इसी पर जारी आदेश से सामने आया कि आसाराम की मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार उसका ट्रोपोनिन लेवल बहुत ज्यादा है, जो चिंताजनक है। उसका इलाज कर रहे डॉक्टर के अनुसार आसाराम की स्थिति क्रिटिकल है। वह वर्तमान में इंदौर के जूपिटर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती बताया जा रहा है। हालांकि, सूत्रों की मानें तो आसाराम को इस हॉस्पिटल में तीन दिन आईसीयू में भर्ती रखने के बाद 6 अगस्त को छुट्‌टी दे दी गई थी।

गुजरात हाइकोर्ट के आदेश में उल्लेखित तथ्य

गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टि पी.एम. रावल की खंडपीठ ने 7 अगस्त को आसाराम की ओर से पेश दस्तावेजों में उल्लेखित स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए निर्णय लिया था। कोर्ट ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के 30 जुलाई के आदेश का उल्लेख किया, जिसमें आसाराम को हाईकोर्ट में अस्थायी जमानत बढ़ाने के लिए याचिका लगाने की छूट दी गई थी। कोर्ट के आदेश के अनुसार, आसाराम की हालत गंभीर है और वे इंदौर स्थित जुपिटर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं।

कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, उनके हार्ट का ट्रोपोनिन लेवल बेहद ज्यादा (2465.59 pg/ml) पाया गया है, जो सामान्य से कई गुना अधिक है। डॉक्टरों ने इस हालत को “क्रिटिकल” घोषित किया है। अदालत ने फिलहाल, लंबित याचिका के विचाराधीन रहते हुए, अस्थायी जमानत 21 अगस्त तक बढ़ा दी। इसके लिए पूर्व में तय शर्तें और नियम यथावत लागू होंगे। अगली सुनवाई 19 अगस्त को निर्धारित की गई है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से किया था इनकार

गुजरात हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत बढ़ाने की अपील करने से पहले आसाराम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी। उसमें कोर्ट ने 30 जुलाई के अपने आदेश में आसाराम को गुजरात हाई कोर्ट जाने की स्वतंत्रता प्रदान की थी। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि यदि आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति में गिरावट आती है, तो वह हाई कोर्ट से संपर्क कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, “हम हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं पाते”, लेकिन यदि स्वास्थ्य की स्थिति बिगड़ती है, तो पहले का आदेश राह में नहीं आएगा। अदालत ने हाई कोर्ट से अनुरोध किया था कि जब भी उपयुक्त आवेदन दाखिल हो तो सुनवाई को तेज़ी से निपटाया जाए।

आसाराम की बीमारी: ट्रोपोनिन लेवल क्या है और इसका महत्व

कोर्ट के आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि आसाराम के ट्रोपोनिन स्तर में अत्यधिक वृद्धि पाई गई है। ट्रोपोनिन एक ऐसा प्रोटीन है, जो मुख्यत: हृदय की मांसपेशियों में पाया जाता है और जब हृदय को कोई गंभीर चोट या क्षति पहुंचती है– जैसे हार्ट अटैक, तो यह खून में रिलीज होता है। आमतौर पर स्वस्थ व्यक्ति में ट्रोपोनिन का स्तर बहुत कम होता है (0-40 pg/ml)। यदि इसका स्तर अचानक बहुत बढ़ जाये, तो यह दर्शाता है कि व्यक्ति को हृदय संबंधी कोई गंभीर समस्या हुई है।

आसाराम के मामले में डॉक्टरों ने ट्रोपोनिन लेवल 2465.59 pg/ml बताया, जो हार्ट को गंभीर नुकसान की तरफ इशारा करता है। ऐसे मरीज को तत्काल और गंभीर चिकित्सा की जरूरत होती है; कई बार ऐसी स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है। इन्हीं कारणों की वजह से कोर्ट ने मानवीय आधार और न्याय के मद्देनजर अंतरिम जमानत बढ़ाने का आदेश दिया गया था।



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