बारां कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया।
बारां जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर स्वयं विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा ले रहे हैं।
उन्होंने बुधवार को किशनगंज एवं शाहाबाद ब्लॉक के बालदा की पुलिया, दांता सहराना तथा ऊनी क्षेत्र में निरीक्षण किया। वहां उन्होंने वास्तविक स्थिति का अवलोकन किया। वहीं, भारी बारिश के अलर्ट के चलते मंगलवार रात को देर तक कलेक्टर तोमर जिले के विभिन्न अधिकारियों के साथ कार्यालय पर मौजूद रहे। उन्होंने जिलेभर की स्थिति की अपडेट लेकर आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही नदियों के किनारे वाले प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के निर्देश भी दिए।
जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही चर्चा कर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावितों को त्वरित सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बताया कि जिले के बाढ़ प्रभावित एवं अति जल भराव वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
वहां भोजन, पेयजल, राशन एवं आवास की समुचित व्यवस्था की गई है। खड़िया नदी घोघरा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर तोमर ने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन पूरी तरह उनके साथ है।
जिले की पुलिस सहित आपदा प्रबंधन, चिकित्सा, विद्युत, सार्वजनिक निर्माण, जलदाय एवं अन्य सहायता टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड पर कार्यरत हैं। कलेक्टर सभी अधिकारियों से लगातार पल-पल की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
जिला प्रशासन की रणनीति और तत्परता से आपदा के बीच बची राधा की जिन्दगी जिले में भारी वर्षा की स्थिति के मद्देनजर जिला प्रशासन एक-एक व्यक्ति की सुरक्षा को लेकर कितना मुस्तैद है, इसका प्रमाण छबड़ा की रहने वाली राधा की जान को बचाकर प्रशासन ने सिद्ध किया कि गंभीर हालातों में सही रणनीति और कार्यकुशलता के साथ टीम वर्क कितना महत्वपूर्ण है।
दरअसल मंगलवार की रात करीब आठ बजे छबड़ा के उप जिला अस्पताल में राधा (26) को दूसरी संतान हुई। सामान्य प्रसव के बाद अचानक रक्त स्त्राव तेज होने पर करीब दो घंटे तक स्थानीय अस्पताल की टीम ने राधा का इलाज जारी रखा, लेकिन हालत अधिक नाजुक होने पर अस्पताल प्रशासन द्वारा महिला को बारां चिकित्सालय से चार यूनिट ब्लड की मांग की गई। इसकी सूचना एसडीएम छबड़ा रामसिंह गुर्जर द्वारा जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर को दी गई, क्योंकि छबड़ा और कवाई के बीच बहने वाली अंधेरी नदी अपने पूरे उफान पर थी। इस कारण से छबड़ा और कवाई का सम्पर्क टूट चुका था।

बारां प्रशासन ने विशेष प्रबंध कर महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया।
रात करीब साढ़े 10 बजे जिला कलेक्टर ने तुरन्त सीएमएचओ डॉ. संजीव सक्सेना को महिला की जान बचाने के लिए अत्यावश्यक उपाय करने एवं एसडीएम छबड़ा को महिला को की जान बचाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने सीएमएचओ से सम्पर्क कर सर्वप्रथम चार यूनिट ब्लड को कवाई से छबड़ा लाने के पूर्ण प्रयास किए, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण टीम को सफलता नहीं मिल पाई। इसके बाद प्रशासन ने त्वरित निर्णय लिया कि भोपाल से जोधपुर जाने वाली ट्रेन को अतिरिक्त समय के लिए रुकवाकर तुरंत महिला को बारां स्टेशन के लिए भेजा जाए।
एसपी अभिषेक अंडासु के निर्देश पर छबड़ा अस्पताल से स्टेशन तक ग्रीन कॉरिडोर बनवाकर पुलिस एवं प्रशासन ने महिला एवं उसके परिजनों के साथ मेडिकल टीम को ट्रेन के माध्यम से रवाना किया। ट्रेन करीब सवा दो बजे बारां पहुंची। जहां रास्ते में कवाई स्टेशन पर भी मेडिकल टीम को किसी भी स्थिति के लिए तैयार रखा गया था।
बारां में सीएमएचओ के निर्देशन में दो एम्बुलेंस तैयार करवाई गई जिसके द्वारा रात करीब ढ़ाई बजे प्रसूता को बारां के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर तुरंत करीब तीन यूनिट रक्त चढ़ाकर इलाज प्रारंभ किया गया। प्रसूता की स्थिति अब सामान्य बनी हुई है। जहां पर चिकित्सकों की टीम के द्वारा पूरी निगरानी रखी जा रही है।
Related
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments