पुलिस हिरासत में आरोपी की मौत, किशनगंज थानाधिकारी समेत 23 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर।
बारां के किशनगंज थाने पुलिस हिरासत में हत्या के आरोपी लोकेश सुमन (28) की मौत के मामले में एसपी अभिषेक अंदाशू ने किशनगंज थाना के थानाधिकारी समेत 23 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। डीआईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। फिल

परिजनों ने पुलिस की मारपीट के कारण युवक की मौत होने के आरोप लगाए।
किशनगंज थाना पुलिस ने रविवार को लोकेश को कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा था। सोमवार सुबह अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे करीब 8:30 बजे किशनगंज अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को मॉर्च्युरी में रखवाया गया। युवक की मौत के बाद परिजन और अन्य लोग किशनगंज अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करने लगे। परिजनों ने पुलिस की मारपीट के कारण युवक की मौत होने का आरोप लगाते हुए मामले की न्यायिक जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी।
परिजनों और समाज के लोगों ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए सोमवार देर शाम एनएच 27 पर जाम लगा दिया। शुरू में परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से मना कर दिया था। बाद में समझाइश के बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया गया।

कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने किशनगंज थाना पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
भाई ने पुलिस पर लगाया मारपीट का आरोप बड़े भाई मुकेश सुमन का कहना था कि किशनगंज थाना पुलिस ने 22 जुलाई को उसके भाई लोकेश सुमन (28) निवासी बराना को पकड़ा था। थाने में पुलिस उससे लगातार मारपीट कर रही थी। जब भी हम लोग लोकेश से मिलने आते थे, तो हमें मिलने नहीं देते थे।
रविवार को पुलिस ने बताया कि तुम्हारे भाई ने जुर्म कबूल कर लिया। हमने जब लोकेश से मिलने की बात कही तो उन्होंने मना कर दिया। हमें शक है इन लोगों ने उसके साथ कुछ किया है या किसी ने इन लोगों को पैसे देकर लोकेश को मरवाया है।
परिजनों मांग की थी कि मामले की न्यायिक जांच कराई जाए। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए।
एसपी बोले- मामले की जांच करवा रहे घटना की सूचना मिलने पर कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर, एसपी अभिषेक अंदासु और एएसपी राजेश चौधरी मौके पर पहुंचे थे। एसपी अभिषेक अंदासु का कहना था कि युवक की पुलिस हिरासत में तबीयत बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल पहुंचाया। जहां उसकी मौत हो गई। नियमानुसार मामले की जांच करवाई जा रही है।

पुलिस ने मर्डर के आरोप में लोकेश सुमन को गिरफ्तार किया था।
मर्डर के आरोप में किया था गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई को हरिपुरा हाल बारां निवासी बबलू पुत्र घनश्याम मीना का शव रामगढ़ रोड पर कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल के पास मिला था। जिसका मुंह खून से सना हुआ था। बॉडी पर चोट के निशान थे। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजन को सुपुर्द कर दिया था।
पुलिस ने मृतक बबलू के भाई भूपेंद्र की रिपोर्ट पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने किशनगंज, बारां और आसपास के गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके बाद 26 जुलाई को आरोपी लोकेश सुमन को गिरफ्तार किया था।
लकड़ी और पत्थर मारकर की थी हत्या
पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में सामने आया था कि बबलू ने लोकेश सुमन को रुपए उधार दे रखे थे। बबलू ने रुपए वापस मांगे तो एक-दो बार दोनों की आपस में बहस हुई थी। आरोपी की नीयत वापस रुपए नहीं देने और बबलू से और रुपए ऐंठने की थी। इसलिए उसने बबलू की हत्या करने का प्लान बनाया।

घटना की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर माली समाज की ओर से पुलिस को ज्ञापन दिया गया।
आरोपी ने उसे झांसा देते हुए कहा कि किशनगंज इलाके में उसके परिचित को रुपए की बहुत जरूरत है। उसके पास एक गाड़ी है जिसको वह गिरवी रखने के लिए भी तैयार है। एक-दो बार प्लान विफल भी हुआ। उसके बाद 21 जुलाई को आरोपी अपनी कार से बबलू को किशनगंज इलाके में लाया। जहां दोनों ने शराब पार्टी की।
शराब पिलाकर बबलू को कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल के पास रामगढ़ रोड पर ले जाकर जंगल में कार से उतारा। लकड़ी और पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी। वह बबलू का मोबाइल और 65 हजार रुपए लेकर सांवरिया सेठ (चित्तौड़गढ़) फरार हो गया था।
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