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महिलाओं के भेष में छिपा था 5000 का इनामी बदमाश
जिले की सूरजगढ़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जानलेवा हमले के अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी रोहित उर्फ मोनू लेडीज कपड़े पहनकर पुलिस से बच रहा था। वह पुलिस की ‘टॉप-10’ अपराधियों की सूची में शामिल था और उस पर 5,000 का इनाम भी घोषित था।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की पहचान
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देश पर तुरंत टीमों का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत और वृताधिकारी विकास धींधवाल के मार्गदर्शन में सूरजगढ़ थानाधिकारी धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई।
पुलिस ने तकनीकी साधनों और मुखबिरों की सूचना पर काम करना शुरू किया। जांच के दौरान पता चला कि मुख्य आरोपी रोहित उर्फ मोनू लगातार अपनी पहचान बदल रहा था ताकि वह पुलिस की नजरों से बच सके। आखिरकार, पुलिस को ग्राम तोला सेही के जोहड़ क्षेत्र में उसकी लोकेशन मिली।
महिलाओं के भेष में छिपा था अपराधी
जब पुलिस ने रोहित उर्फ मोनू को घेराबंदी करके पकड़ा तो उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया। पुलिस ने देखा कि उसने महिलाओं के कपड़े पहन रखे थे, जिसमें एक लेगिंग, कुर्ता और सिर पर चुन्नी शामिल थी।
पूछताछ में रोहित ने स्वीकार किया कि उसने पुलिस और आम लोगों को चकमा देने के लिए यह भेष अपनाया था। हालांकि, उसकी यह चाल काम नहीं आई और पुलिस ने सटीक जानकारी के आधार पर उसे धर दबोचा।
आठ अन्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने रोहित से पहले ही आठ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें राहुल उर्फ बाबा, सेरसिंह उर्फ भुणिया, सुरेंद्र सिंह, विजय कुमार, अरुण, रवि कुमार, अर्पित और जलेसिंह शामिल हैं। इन सभी पर सरपंच और उनके साथी पर हमला करने का आरोप है।
यह थी घटना
यह मामला 15 जुलाई 2025 का है, जब कुलोठ खुर्द निवासी देवीसिंह ने सूरजगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। देवीसिंह ने बताया कि वह ग्राम पंचायत काकोड़ा के सरपंच संदीप कुमार के साथ अपनी ब्रेजा कार में सूरजगढ़ मंडी जा रहे थे। दोपहर करीब 2:30 बजे, बजाज एजेंसी के पास अचानक एक पिकअप, दो कैंपर और एक बोलेरो गाड़ी ने उनकी कार को बार-बार टक्कर मारना शुरू कर दिया।
इन गाड़ियों से करीब 8-10 लोग बाहर आए, जिनमें सेरसिंह उर्फ भुणिया, जयप्रकाश उर्फ जेपी, रोकी सोलंकी, और राकेश गुर्जर शामिल थे। इन सभी ने लाठियों और सरियों से उनकी गाड़ी पर हमला किया और उसके शीशे, बोनट और खिड़कियां तोड़ दीं। उन्होंने देवीसिंह और सरपंच संदीप पर भी जानलेवा हमला किया, जिससे दोनों को गंभीर चोटें आईं।
शिकायतकर्ता ने बताया कि यह हमला एक पुरानी रंजिश के चलते किया गया था, क्योंकि आरोपी लगातार उन पर एक कोर्ट केस में समझौता करने का दबाव बना रहे थे।
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