वाहन चोरी के झूठे मुकदमे और वाहनों को आग लगाकर इंश्योरेंस कंपनी से धोखे से करोड़ों रुपए का क्लेम उठाने वाले मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अब तक अलग-अलग थानों में दर्ज 12 मामले सामने आए है। जिससे क्लेम उठाया है। 20 करोड़ रुपए से अधिक क्लेम
9 माह में आरोपी सताराम ने पचपदरा थाने में तीन चोरी के मामले दर्ज करवाए है। आरोपी अरूणाचल प्रदेश में नया रजिस्ट्रेशन करवाकर दुबारा वाहनों को कंपनियों में लगा देता था। पुलिस ऐसे तीन वाहनों को जब्त किया है। पुलिस आरोपी की संपति की जांच के लिए ईडी और आयकर विभाग को भी कार्रवाई के लिए लिखेगी। फिलहाल पुलिस ने जोधपुर रेंज में बीते 10 सालों में वाहन चोरी के दर्ज मामलों की सूचना मांगी है।
दरअसल, गुड़ामालनी आलपुरा जुगताणियों की ढाणी निवासी सताराम डूडी व उसके ड्राइवर मांगीलाल पुत्र भागीरथराम ने गुड़ामालानी थाने में 7 अगस्त को ट्रक नंबर आरजे-19-जीफ 5156 चोरी होने की झूठी रिपोर्ट दी थी। श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी प्राइवेट लिमिटेड में ट्रक चोरी का झूठा क्लेम लेने के लिए दर्ज करवाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की।

आरोपी यूपी से अपनी बेटी को लेकर जयपुर पहुंचा। वहां पर वीजा ऑफिस से वीजा ले रहा था। इससे पहले पुलिस ने गिरफ्तार किया।
एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया- इश्योरेंस कंपनियों से क्लेम उठाने के मामले में गुड़ामालानी थानाधिकारी देवीचंद ढाका मय टीम ने जांच शुरू की। जांच में वाहन चोरी के झूठे मामला दर्ज करवाकर इंश्योरेंस कंपनियों से धोखे से करोड़ो रुपए के क्लेम उठाने, जिला बाड़मेर और आसपास के जिलों के अलग-अलग थानों में चौपहिया वाहन चोरी के झूठे मामला दर्ज करवाया गया। बीमा क्लेम उठाकर करोड़ों रुपए का घोटाला करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी सताराम पुत्र देरामाराम निवासी रावतसर थाना सदर को गिरफ्तार किया गया।
खुद के या मिलने वालों के नाम पर खरीदता था ट्रक
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि सताराम स्वंय या अपने मिलने वाले और रिश्तेदारों के नाम से ट्रक खरीदता था। अलग-अलग बीमा कंपनियों से क्लेम के लिए वाहन चोरी की झूठी एफआईआर दर्ज करवाकर बीमा क्लेम उठा लेता था।
20 करोड़ क्लेम उठाना आया सामने
पुलिस जांच पड़ताल में बाड़मेर के गुड़ामालनी, शिव जिला बालोतरा के बायतु, पचपदरा, बालोतरा, जसोल, सिणधरी, जिला जोधपुर ग्रामीण के आसोप, जिला ब्यावर के सेंदड़ा एवं जेतारण थानों में बीते 4 सालों में ट्रक व ट्रेलर चोरी के झूठे मामले दर्ज करवाए गए। अलग-अलग बीमा कंपनियों से इश्योंरेस क्लेम पेटे 20 करोड़ रुपए उठा लिए। साथ ही कई वाहनों के क्लेम उठाने की प्रक्रिया जारी है।

एसपी ने प्रेस वार्ता कर किया खुलासा।
9 माह में तीन एफआईआर
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 9 माह में पचपदरा थाने में 3 मामले ट्रक के चोरी के दर्ज करवाए हे। राज्य से बाहर दिल्ली तथा गुजरात में भी वाहन चोरी के मामले दर्ज करवाए गए है। एवं क्लेम उठाने की प्रक्रिया की जा रही थी।
बड़े वाहनों की करवाते थे एफआईआर
आरोपी ने ज्यादात ट्रक एवं ट्रेलर की चोरी की एफआईआर करवाते ताकि अधिक क्लेम मिल सकें। एफआईआर दर्ज करवाने के बाद वाहनों का दुबारा अन्य राज्यों से रिअसाईमेंट करवाकर तेल कंपनियों में वाहनों को किराए पर चला रहे थे। वाहनों के नंबर अरुणाचल प्रदेश का लगवाकर दुबारा नए नंबरों से राजस्थान एवं गुजरात में रजिस्ट्रेशन करवाए गए।
कई वाहनों का अस्तित्व हीं नही, डीटीओ और बीमा कंपनी के कार्मिकों की भूमिका संदिग्ध
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि थाना शिव, सिणधरी, जसोल, पचपदरा और सेंदड़ा में दर्ज करवाए गए मामलों में वाहन ही आस्तित्व में नहीं थे। इन वाहनों के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार करते थे। साथ ही अरूणाचल प्रदेश से रजिस्ट्रेशन करवाकर राजस्थान में रिअसासईमेंट करवाकर किसी दूसरी गाडी पर नंबर प्लेट लगावाकर बीमा करवा कर वाहन चोरी की एफआईआर दर्ज करवाई। क्लैम उठाए गए और उठाने के प्रयास किए गए। इस संबंध में परिवहन विभाग एवं बीमा कंपनी में फील्ड में काम करने वाले कार्मिकों की भूमिका संदिगध है।
छोटी गाडियां बैची तस्करों को
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि टोयोटा कंपनी की हाईलक्स गाड़ी फाईनेंस पर खरीदकर 15 लाख रुपए की लूट का फायदा उठाकर 3 लाख रुपए के लागत मूल्य से 45 लाख रुपए का क्लैम उठाकर वाहन डोडा तस्करों को बेच दिया। हाईलक्स वाहन चोरी की चोरी का मामला पुलिस थाना आसोप जिला जोधपुर ग्रामीण, दिल्ली, गुजरात में दर्ज करवाए गए। दिल्ली में तो ई-एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
कई वाहनों को जलाकर उठाया क्लेम
पुलिस के सामने आया है कि कई वाहनों को जलाकर क्लेम उठाया गया। फिलहाल पुलिस इसकी गहनता से जांच पड़ताल कर रही है।
3 वाहनों को किया जब्त
पुलिस ने 3 वाहन अब तक जब्त किए है। साल 2023 में पुलिस थाना गुड़ामालनी में वाहन चोरी की झूठी एफआईआर दर्ज करवाकर अरूणाचल प्रदेश में नया रजिस्ट्रेशन करवाकर दुबारा भीनमाल परिवहन ऑफिस में असाईमेंट करवाकर वाहन चला रहा था। इसी प्रकार पुलिस थाना जैतारण एवं पचपदरा में दर्ज मामले में वाहनों का अरूणाचल प्रदेश में असाईनमेंट करवाकर जिला परिवहन ऑफिस धोलपुर में दुबारा रजिस्ट्रेशन करवाकर तेल कंपनी नागाणा में वाहनों को किराए पर लगा कर चला रहा था। जिसको जब्त किया है।
20 करोड़ का धोखाधड़ी से क्लेम उठाने का मास्टर माइंड सताराम
पुलिस ने बताया कि तेज व शातिर दिमाग सताराम पुत्र देरामाराम रावतसर हाल बालाजी नगर बाड़मेर में रहता है। इस मामले का मास्टरमाइंड है। जेतारण व बालोतरा में स्वंय के नाम से मामले दर्ज करवाए थे। अन्य जगहों पर अपना बचाव करने के लिए अपने ड्राइवर या अपने भाई के पुत्र से मामले दर्ज करवाए गए। गुड़ामालानी से चोरी बताया गया वाहन सताराम का स्वंय को होने एवं स्वंय के नाम से होने के बावजूद अपने ड्राइवर से मामला दज्र करवाया।
विदेश भागने की थी तैयारी
पुलिस कार्रवाई की भनक लगने के बाद गिरफ्तारी के डर से सताराम ने विदेश भागने की प्लानिंग बनाकर उतरप्रदेश से अपनी पुत्री को लेकर आते हुए स्वंय जयपुर उतर गया। वीजा बनाने की तैयारी करने लगा। इसी दौरान गुड़ामालानी पुलिस ने उसे जयपुर से गिरफ्तार किया है।
सहयोगियों की तलाश जारी
बीमा कंपनियों को झूठी एफआईआर दर्ज करवाकर एवं फर्जी दस्तावेज बनाकर करोड़ों रुपए ऐंठने वाले सताराम के अन्य सहयोगियों एवं अरूणाल प्रदेश से फर्जी तरीके से नया रजिस्ट्रेशन करवाकर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाले एवं चैसिस नंबर व इंजन नंबर घिसने वालों की पुलिस तलाश कर रही है। मास्टरमाइंड के अलावा हनुवंतसिंह, जोंगेंद्र चौधरी, मोहनराम, विशनाराम, चिमनसिंह, मांगीलाल, देवाराम और शेराराम ने अलग-अलग थानों में झूठे मामले दर्ज करवाने में सहयोग करते हुए खुद के नाम से एफआईआर दर्ज करवाई।
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