☜ Click Here to Star Rating


ऋषभदेव कस्बे में​ निकली शोभायात्रा में शामिल महिलाएं भगवान की भक्ति करते आगे बढ़ रही है।

केसरियाजी (ऋषभदेव) रोशनी से नहाया हुआ। जयकारों की गूंज थी। भगवान की भक्ति में सब डूबे हुए थे। भक्तियम माहौल के बीच रात की 12 बजी और कस्बे का पाटूना चौक आया तो वहां पर सब थम गए। अब आज दूसरे दिन वहां से आगे बढ़ेगी भगवान की शोभायात्रा।

.

दिगम्बर जैन समाज के पर्युषण पर्व के समापन के उपलक्ष मे दो दिवसीय रथयात्रा का शुभारम्भ सोमवार की शाम भण्डार धुलेव के जवानों की सलामी के साथ शुरु हुआ जो रात करीब 12 बजे पाटुना चौक मे पहले दिन का विश्राम हुआ।

स्वर्ण रजत आभूषणों से सुसोभित देव विमानों को जैसे ही भण्डार धुलेव के जवानों ने सलामी दी वहां मौजूद श्रृद्वालूओ ने जयकारों से आसमां गूंजायमान कर दिया।

तीनो रथ सोने चांदी की छत्तरों से सुशोभित थे। मंदिर प्रांगण से निकले तीनों काष्ठ कला से निर्मित रथ सोने चांदी के छत्तरों से आच्छादित होकर रथ स्वर्ग से आये भगवान के रजत एवं स्वर्ण रथ की तरह नजर आये। इन रथों में भगवान की प्रतिमा को विराजित किया गया।

ऋषभदेव कस्बे में नगर भ्रमण के दौरान शामिल स्वर्ण रजत आभूषणों से सुसोभित तीन रथ और साथ ही रोशनी से नहाया कस्बा।

ऋषभदेव कस्बे में नगर भ्रमण के दौरान शामिल स्वर्ण रजत आभूषणों से सुसोभित तीन रथ और साथ ही रोशनी से नहाया कस्बा।

रथोत्सव की शोभयात्रा को लेकर पूरा ऋषभदेव कस्बे में रोशनी और सजावट की गई। छोटी-छोटी लाईटों एवं फर्रियों से कस्बे को रोशन करते हुए सजाया गया। पाटूना चौक सहित आजाद नीम के नीचे विशेष विद्युत सज्जा की गई। रात में पूरा क्षेत्र जगमगा उठा। धीरे-धीरे तीनों रथ के पहिये आगे बढ़ने लगे। सदर बाजार के आजाद नीम के नीचे पहले युवाओ ने डांडिया खेला गया और शाम ढलते-ढलते रथयात्रा में भक्ति का माहौल बढ़ गया और लोग भी बढ़ते गए।

नेहरू बाजार मे केसरिया साड़ी पहने महिलाओं का गरबा नृत्य हुआ। वहां से पाटुना चौक होता हुआ कुवारियां नदी के तट पर पहुंचे जहॉ भगवान की पूजा-अर्चना एवं वरमाला की बोलती के पश्चात् बोलीदाता के द्वारा आरती उतार कर पुनः तीनों रथ भजनों की मधुर ताल के साथ रात को पाटूना चौक पहुंचे। वहां युवक-युवतियों ने डांडिया रास खेला। प्रथम दिन का विराम सलामी के साथ हुआ। रथोत्सव की सुरक्षा को लेकर पुलिस थाना प्रभारी भरत सिंह राजपुरोहित ने सुरक्षा को लेकर पूरे प्रबंध किए।

भगवान की रथयात्रा में शामिल श्रद्धालुगण।

भगवान की रथयात्रा में शामिल श्रद्धालुगण।

महिलाएं पीले वस्त्रों के ड्रेस कोड में रथोत्सव के पहले दिन महिलाएं पीले वस्त्रों के ड्रेस कोड में थी। महिलाओं ने डांडिया रास करते हुए भगवान की भक्ति की। आज दूसरे दिन महिलाएं लाल चुन्दड़ के ड्रेस कोड में होगी। इससे पहले पहले दिन मंदिर प्रांगण से 21 ढोल नगाडों की गूंज पर रथोत्सव का आगाज हुआ। नवयुवक मण्डल के तत्वाधान की टीम ने 21 ढोल मंगवाये। बांसवाड़ा की अंचल एण्ड पार्टी द्वारा मधुर धुन पर युवक-युवतियां नाचते हुए चले।दिवाकर त्रिवेदी, उपेन्द्र अणु, यशोधर दोवडिया, राकेश सुन्द्रोत, दिलीप भाणावत, शीतल कोठारी, प्रशान्त जैन, हितेश भंवरा, हर्षित शाह, भारती वाणावत, अनिता वाणावत द्वारा मधुर भजनों की प्रस्तुतियां दी।

महिलाओं ने अपनी तय ड्रेस कोड में शामिल होकर भगवान की भक्ति की।

महिलाओं ने अपनी तय ड्रेस कोड में शामिल होकर भगवान की भक्ति की।

आज ये कार्यक्रम होंगे

दूसरे दिन मंगलवार रात को 8.30 बजे पाटूना चौक से भण्डार धूलेव के जवानों की सलामी के साथ जिनेन्द्र देव की आरती की जाएगी। इसके पश्चात दूसरे दिन की रथयात्रा की शुरूआत होगी। पाटूना चौक में विशेष गैर होगी। जिसमें पगडी धारी पुरूष एवं चुन्दड़ साड़ी पहनी महिलाएं ही गरबा नृत्य में शामिल होंगे। देर रात शोभायात्रा 1.45 बजे ऋषभदेव मन्दिर पहुंचेगी।

इनपुट : शैलेंद्र जैन, ऋषभदेव



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading