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जैसलमेर। घायल हिरन को तारबंदी से BSF जवानों ने किया रेस्क्यू।

भारत-पाकिस्तान सरहद की तारबंदी में एक हिरन फंस गया। भारत-पाक सीमा पर तैनात BSF के क्षेत्रीय मुख्यालय जैसलमेर की 38वीं वाहिनी के जवानों ने घायल हिरन को रेस्क्यू कर उसकी जान बचाई। सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने घायल हिरन का इलाज कर उसे वन विभाग को सौंपा।

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BSF चौकी पर तैनात पशु चिकित्सा सहायक ने हिरन का इलाज किया।

BSF चौकी पर तैनात पशु चिकित्सा सहायक ने हिरन का इलाज किया।

इंद्रेश कुमार यादव, कार्यवाहक कमांडेंट, 38वीं वाहिनी, BSF ने बताया- भारत पाकिस्तान के जवान सरहद की तारबंदी के पास पहरा दे रहे थे। गश्त के दौरान तारबंदी में एक हिरन फंसा हुआ मिला। सीमा बाड़ की कंटीली तारों में फंसने से हिरन बुरी तरह से घायल हो गया। बुरी तरह से घायल हिरन को सीमा पर तैनात जवानों ने सीमा बाड़ से बाहर निकाला और BSF चौकी पर तैनात पशु चिकित्सा सहायक ने उसका इलाज किया।

भारत-पाक सरहद की तारबंदी में फंसा हिरन

38वीं वाहिनी सीमा सुरक्षा बल के इंद्रेश कुमार यादव, कार्यवाहक कमांडेंट ने वन विभाग को घायल हिरन की जानकारी देकर सरहद पर बुलाया। BSF के जवानों ने घायल हिरन को वन विभाग के प्रतिनिधि को सौंप दिया। वन्य रेंज अधिकारियों ने बीएसएफ जवानों का आभार जताया।

कार्यवाहक कमांडेंट ने बताया- सीमा सुरक्षा बल केवल राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि हर परिस्थिति में निस्वार्थ सेवा, मानवता और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय भी देती है। BSF के जवानों द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता और करुणा न केवल संगठन की महान परंपराओं को दर्शाता है, बल्कि कर्तव्य, निष्ठा और बलिदान के अपने आदर्श वाक्य को भी चरितार्थ करता है। BSF सदैव देश, समाज और प्रकृति की रक्षा के लिए तत्पर है।



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