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– कुसुम सिंह, सरपंच, रारह ग्राम पंचायत, डीग

लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में देशभर के 85 और राजस्थान के 3 सरपंच विशेष अतिथि होंगे। अपने क्षेत्र में कार्य की मिसाल कायम करने वाले ऐसे सरपंचों को केंद्र सरकार की ओर से चयन किया गया है, इनमें राजस्थान की तीनों सरपंच महिला हैं। यह आम

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ऐसी पंचायतें, जिन्हें स्वच्छ भारत मिशन, ग्रामीण (एसबीएम-जी) के तहत ओडीएफ प्लस घोषित किया गया है। जिनके गांव न केवल स्वच्छता और सुरक्षित जल पहुंचाने वाले आदर्श गांव हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर समुदाय-नेतृत्व, महिला-नेतृत्व और पर्यावरणीय रूप से सतत विकास की सफलता को भी दर्शाते हैं, ऐसी पंचायतें लालकिले पर प्रदेश का नेतृत्व करेंगी।

मिसाल कायम करने वाले सरपंचों को केंद्र सरकार की ओर से चयन

“एमएससी नर्सिंग में स्नातकोत्तर सरपंच कुसुम के विजन से प्रदेश की पहली डिजिटल सक्षम ग्राम पंचायत बनी। ब्लॉक की पहली ओडीएफ प्लस ग्राम पंचायत और जिले की पहली ओडीएफ प्लस ग्राम पंचायत बनी। आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और तकनीकी समावेशन पर काम किया।” – कुसुम सिंह, सरपंच, रारह ग्राम पंचायत, डीग

“फैशन डिजाइनिंग में बीएससी। जेजेएम में 3 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछवा स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित कराया। एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध, घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र की स्थापना, सोखने वाले गड्ढे, वर्मीकंपोस्ट इकाइयां, एक ओपन जिम, डिजिटल लाइब्रेरी व पंचायत भवन बनवाए।” – गीता देवी पटेल, सरपंच, चाली पंचायत, जोधपुर

“स्वच्छता का बुनियादी ढांचा तैयार किया, स्ट्रीट लाइट लगवाई व जल संरक्षण गहन वर्किंग की। आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर स्वास्थ्य व खेल के बुनियादी ढांचे तक, बहुउद्देशीय ग्रामीण विकास का नेतृत्व करने के लिए मनरेगा का भी लाभ उठाया।” – रेखा बाई, सरपंच, गढ़ेपान पंचायत, कोटा



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