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झालावाड़ एसआरजी अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग ने पिछले 15 दिनों में नसों से संबंधित बीमारियों के 7 मरीजों का सफल ऑपरेशन किया।
झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभाग ने पिछले 15 दिनों में नसों से संबंधित बीमारियों के 7 मरीजों का सफल ऑपरेशन किया है। इन मरीजों में दो ब्रेकियल केस, एक रीढ़ की हड्डी और 5 गर्दन की हड्डी से जुड़े मामले शामिल थे।
न्यूरोलॉजी विभाग प्रभारी डॉ. राम सेवक योगी के अनुसार, मध्यप्रदेश के ब्यावरा निवासी देव सिंह (48) जोधपुर में मजदूरी के दौरान दीवार गिरने से घायल हो गए थे। गर्दन की हड्डी टूटने से उनके चारों अंग काम करना बंद कर चुके थे। कोटा के ढाबादेह निवासी पप्पूलाल (45) छत से गिरने के कारण इसी स्थिति में थे।
गुलखेड़ी अकलेरा के नंदलाल (52) और बालमुकुंद (38) के रीढ़ की हड्डी में छल्ले खिसकने से एक हाथ और पैर में कमजोरी आ गई थी। पिड़ावा के महेश सुमन (21) और बारां के आशाराम (18) सड़क हादसे में ब्रेकियल प्लेक्सस इंजरी से पीड़ित थे।
70 वर्षीय केसर बाई 207 दिनों से कमर की हड्डी टूटने के कारण चल-फिर नहीं पा रही थीं। सभी मरीजों का ऑपरेशन सरकारी योजना के तहत निःशुल्क किया गया। निजी अस्पतालों में इन ऑपरेशन का खर्च लाखों रुपये आता है। सभी मरीज अब स्वस्थ हैं और अपनी दैनिक गतिविधियां स्वतंत्र रूप से कर सकते हैं।
डॉ. रामसेवक योगी ने बताया कि सही समय में यदि यह ऑपरेशन नहीं होते है तो जीवन पर्यंत यह मरीज बेड पर ही रहते। एक इंसान जो लकवा ग्रस्त होता है उसका परिवार भी उसकी सेवा में लगा ही रहता है। जिससे उस परिवार को आर्थिक मानसिक और सामाजिक समस्याओं से जूझना पड़ता है। इस ऑपरेशन में डा. संजीव गुप्ता, डा.उपेन्द्र तथा कन्हैयालाल सुथार एवं मुकेश नर्सिंग ऑफिसर का योगदान रहा।
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