भरतपुर में शनिवार सुबह एक महिला और बच्चे समेत 3 शव लावारिस हालत में पड़े मिले। जहर से तीनों की मौत हुई। बहन की तलाश में भाई शुक्रवार रात सेवर थाने पहुंचा था। लेकिन पुलिस ने यह कहकर टाल दिया कि सुबह आना। शनिवार की सुबह बहन, उसके बेटे और भांजे के शव सड़क
डीग जिले के कुम्हेर थाना इलाके के भटावली गांव में रहने वाले दिगंबर ने कहा- भरतपुर की सेवर थाना पुलिस अगर रात में ही एक्टिव हो जाती तो शायद तीन जिंदगियां बच जातीं।

भरतपुर के सेवर थाना इलाके में शनिवार सुबह तीनों के शव पड़े मिले थे।
पहले समझिए क्या है पूरा मामला
भरतपुर के सेवर थाना इलाके में शनिवार सुबह 6.30 बजे कुम्हेर रोड पर कंजौली गांव में एक कार सर्विस सेंटर के बाहर 3 शव पड़े मिले थे। शव महिला-पुरुष और एक बच्चे के थे। पास में संदिग्ध पाउडर की थैलियां पाई गई। पुलिस ने कहा कि जहर खाकर सामूहिक आत्महत्या करने का मामला है।
शवों को पुलिस ने भरतपुर के RBM हॉस्पिटल में पहुंचाया। पता चला कि हिंडौन (करौली) और सेवर थाना में एक व्यक्ति (दिगंबर) ने महिला की गुमशुदगी की सूचना दी है। ऐसे में युवक को आरबीएम हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी बुलाया गया। जहां युवक ने महिला की शिनाख्त करते हुए उसे अपनी बहन अनिता (37) बताया। दूसरा शव अनिता के 12 साल के बेटे का और तीसरा शव अनिता के भांजे शुभम (26) का था।

घटना को लेकर सेवर थाना पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं।
लोकेशन लेकर भाई सेवर थाने पहुंचा तो पुलिस ने टरकाया
अनिता के भाई दिगंबर ने बताया- अनिता, उसका बेटा और भांजा तीन दिन से लापता थे। भांजा शुभम भरतपुर में किराए के मकान में रहता था। मैंने 1 अगस्त को हिंडौन थाना (करौली) में बहन की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। वहां से पता चला कि लोकेशन सेवर थाना (भरतपुर) इलाके के गुंडवा गांव में आ रही है। मैं 1 अगस्त की रात 12 बजे मैं सेवर थाने पहुंचा। वहां पुलिसकर्मियों ने ये कहकर टाल दिया कि सुबह आना।
सेवर थाना इंचार्ज धर्म सिंह से बात की तो उन्होंने बताया- दिगंबर देर रात थाने आया था। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने शनिवार सुबह 10 बजे आने को कहा। हालांकि कार्रवाई न करने के सवाल पर धर्म सिंह कोई जवाब नहीं दे पाए।
16 साल पहले हुई थी अनिता की शादी
दिगंबर ने बताया- अनिता की शादी 16 साल पहले करौली के हिंडौन कस्बे के खेड़ा जमालपुर निवासी देवेंद्र से की थी। देवेंद्र कर्नाटक के मैसूरु में ठेकेदारी का काम करता है। अनिता के तीन बेटियां संजना (15), वंदना (9) और दीक्षा (7) हैं। बेटा लेतेश (12) भी था जिसकी मौत हो चुकी है।
वह अपने ससुराल खेड़ा जमालपुर (करौली) में ही रहती थी। पति देवेंद्र मैसूरु रहता था। वह कभी कभी कर्नाटक से आता था। 31 जुलाई की शाम को अनिता बेटे लेतेश को भरतपुर में डॉक्टर को दिखाने की बात कहकर ससुराल से निकली थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटी।

अनिता और उसके 12 साल के बेटे का शव भी मौके पर ही मिला। हत्या-आत्महत्या के कारण को लेकर अभी पुलिस को जानकारी नहीं है।
अनिता के ससुराल से मेरे पास कल फोन आया। मैं भी बहन की तलाश में लगा। खेड़ा जमालपुर भी गया। वहां से अनिता के ससुराल के लोगों के साथ जाकर हिंडौन सदर थाना में अनिता और लेतेश की गुमशुदगी दर्ज कराई। सदर थाने से अनिता के मोबाइल की लोकेशन भरतपुर के सेवर थाना इलाके के गुंडवा में मिली। सेवर थाने ने जब सुबह आने को कहा तो मैं अपने गांव भटावली (कुम्हेर, डीग) चला गया। सुबह पुलिस ने शिनाख्त करने के लिए RBM हॉस्पिटल बुला लिया।
शुभम के साथ क्यों थी, पता नहीं
दिगंबर ने बताया- अनिता समेत तीनों ने जहर क्यों खाया। जहर कहां से आया। किसने खिलाया, इसे लेकर कोई जानकारी नहीं है। शुभम भरतपुर में किराए पर रहता है। वह कुछ नहीं करता। शुभम अनिता के पति देवेंद्र की बहन का बेटा था। वह हिंडौन (करौली) के महू इब्राहिमपुर का रहने वाला था। अनिता शुभम के साथ क्यों थी। दो दिन वह कहां रही, सुसाइड या मर्डर में शुभम की क्या भूमिका थी या नहीं थी, यह पुलिस पता लगाएगी।
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