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उदयपुर में सावन माह में रविवार को विभिन्न जगहों पर श्रद्धा और उल्लास से कावड़ यात्रा निकाली गई। एकलिंगपुरा में जोड़ियाजी बावजी से ललितेश्वर महादेव तक कावड़ यात्रा निकाली गई। 3 किमी तक निकाली इस यात्रा में शिव भक्त भगवा वेशभूषा पहने, हाथों में कावड़ थ

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इस दौरान उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा भी कावड़ उठाकर शामिल हुए। साथ ही तलवार को घुमाते हुए जोरदार करतब दिखाया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, भाजपा नेता प्रमोद सामर और अतुल चंडालिया भी पूरी यात्रा में साथ चले। यात्रा ललितेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। जहां चारधाम से लाए गंगाजल शिवलिंग पर अर्पित किया गया।

फतेहसागर स्थित फतेह बालाजी के दर्शन के साथ 1200 वर्ष पुराने वामेश्वर महादेव मंदिर तक भव्य कावड़ यात्रा का आयोजन हुआ।

फतेहसागर स्थित फतेह बालाजी के दर्शन के साथ 1200 वर्ष पुराने वामेश्वर महादेव मंदिर तक भव्य कावड़ यात्रा का आयोजन हुआ।

फतेहबालाजी से वामेश्वर महादेव निकली कावड़ यात्रा फतेहसागर स्थित फतेह बालाजी के दर्शन के साथ 1200 वर्ष पुराने वामेश्वर महादेव मंदिर तक भव्य कावड़ यात्रा का आयोजन हुआ। बैंड-बाजे और आकर्षक झांकियों के साथ श्रद्धालु फतेहबालाजी से रवाना हुए। हरिद्वार से लाया गया गंगाजल सभी कावड़ों में रखा। लगभग 7 किलोमीटर की यात्रा के दौरान कावड़ियों ने रास्ते में 11 शिवालयों पर जलाभिषेक किया।

यात्रा के संयोजक प्रफुल्ल श्रीमाली ने बताया कि दिल्ली से आए कलाकारों ने भगवान शिव के विभिन्न रूपों की आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की। यात्रा फतेहबालाजी से फतेहपुरा चौकी, फतेहपुरा सर्कल, मंगलश्री गार्डन, सायफन, बड़गांव होकर पालड़ी स्थित वामेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। रिमझिम बारिश में कावड़ियों का उत्साह कम नहीं हुआ। यात्रा की अगुवाई में घोड़े और बालाजी की तस्वीर थी, जिनके पीछे साधु-संत बग्घियों में थे। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।

मेनार से राणेरा महादेवजी तक 17 किमी दूरी तय करते हुए कावड़ यात्रा निकाली गई। जो 7 घंटे में पूरी हुई।

मेनार से राणेरा महादेवजी तक 17 किमी दूरी तय करते हुए कावड़ यात्रा निकाली गई। जो 7 घंटे में पूरी हुई।

17 किमी यात्रा 7 घंटे में पूरी हुई मेनार से राणेरा महादेवजी तक 17 किमी दूरी तय करते हुए कावड़ यात्रा निकाली गई। जो 7 घंटे में पूरी हुई। इसमें 5 हजार से ज्यादा कावड़िये शामिल हुए। यात्रा समापन के बाद गौ-रक्षा, विश्व कल्याण और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। दो दर्जन से अधिक गांवों के श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए। जिन पर ड्रोन के जरिए पुष्पवर्षा की गई।

नेशनल हाईवे-48 पर दिनभर भक्तिमय माहौल देखने को मिला। इससे पहले कावड़ियों ने मेनार ब्रह्मसागर स्थित मां जगदंबा मंदिर में पूजा-अर्चना कर गंगा, नर्मदा, यमुना, सरस्वती, सरयू, कावेरी एवं गंगासागर सहित 7 नदियों के जल से कावड़ भरी। यात्रा मेनार से शुरू होकर वाना, डांगीखेड़ा, कीर की चौकी होते हुए नान्दोली खुर्द के राणेरा महादेवजी मंदिर पहुंची।

उदयपुर के रूण्डेड़ा गांव में रूण्डेड़ा से पारेश्वर महादेव मंदिर तक कावड़ यात्रा निकाली गई।

उदयपुर के रूण्डेड़ा गांव में रूण्डेड़ा से पारेश्वर महादेव मंदिर तक कावड़ यात्रा निकाली गई।

रुण्डेडा से पारेश्वर महादेव तक निकली यात्रा उदयपुर के रूण्डेड़ा गांव में रूण्डेड़ा से पारेश्वर महादेव मंदिर तक कावड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा आजाद नगर स्थित नई बावड़ी से शुरू हुई, जहां श्रद्धालुओं ने जल भरकर अपने कावड़ उठाए। पंडित कैलाश चौबीसा के सान्निध्य में विधिवत कावड़ पूजन हुआ। पुरुष कुर्ता-पायजामा व धोती-कुर्ता और महिलाएं लाल चुनरी में नजर आईं। लोग नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। यात्रा गणपति मंदिर, सुथारों की बावड़ी, पारा त्रिमुखी पुलिया होते हुए पहुंची। नवानिया में यात्रा का जोरदार बैंड-बाजों और ढोल-नगाड़ों से स्वागत किया गया। जेसीबी से पुष्पवर्षा की गई। माहौल भक्तिमय हो गया।



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