☜ Click Here to Star Rating


चित्तौड़गढ़ के एक गांव में कुत्ते का शिकार करने के बाद 15 फीट लंबा अजगर खेत की मेड पर निढाल हो गया। खेत मालिक ने देखा तो दूसरे ग्रामीणों को सूचना दी। वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची।

.

आधा घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। इसके बाद को जंगल में छोड़ा गया, जहां उसने करीब 50 मिनट बाद निगला हुआ शिकार उगल दिया। हालांकि कुत्ता मर चुका था।

घटना जिले के बस्सी नाका क्षेत्र के संग्रामपुरा गांव आज दोपहर करीब 3 से 4 बजे की है।

पहले देखिए… अजगर के शिकार उगलने की तस्वीरें

वन विभाग की टीम अजगर को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ने पहुंची।

वन विभाग की टीम अजगर को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ने पहुंची।

अजगर ने शिकार को उगलना शुरू कर दिया।

अजगर ने शिकार को उगलना शुरू कर दिया।

अजगर ने कुत्ते को धीरे- धीरे उगला।

अजगर ने कुत्ते को धीरे- धीरे उगला।

कुछ ही देर में अजगर ने पूरा कुत्ता उगल दिया। हालांकि कुत्ते की मौत हो चुकी थी।

कुछ ही देर में अजगर ने पूरा कुत्ता उगल दिया। हालांकि कुत्ते की मौत हो चुकी थी।

शिकार निगला तो वजन बढ़कर 75 किलो हुआ वनरक्षक रतिराम ने बताया कि खेत मालिक खेमा भील ने खेत की मेड पर करीब 15 फीट लंबे अजगर को देखा। वह कुत्ते का शिकार करने के बाद खेत की मेड पर रेंग रहा था। बस्सी नाके के वनरक्षक रतिराम की सूचना पर चित्तौड़गढ़ रेंज के रेंजर देवेंद्र पुरोहित ने वन विभाग की रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा।

वन्यजीव प्रेमी प्रकाश सेन ने बताया कि अजगर खेत की मेड़ के पास था, जिस वजह से उसे पकड़ना थोड़ा मुश्किल हो रहा था। साथ ही अजगर ने एक कुत्ते का शिकार किया हुआ था, जिससे उसका वजन 50 किलो से बढ़कर 75 किलो के करीब हो गया था। इसके कारण उसे रेंगने में भी परेशानी हो रही थी।

खतरा महसूस होने पर बार- बार अटैक किया रेस्क्यू के दौरान अजगर को खतरा महसूस हुआ, तो उसने बार अटैक करने की भी कोशिश की। इससे रेस्क्यू टीम को उसे पकड़ने में करीब आधा घंटा लगा। टीम ने सावधानी से उसे पकड़ा, जिससे किसी प्रकार का नुकसान न हो।

जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया, उगला शिकार अजगर को पकड़ने के बाद वन विभाग की टीम उसे चित्तौड़गढ़ के मेढ़की महादेव के जंगलों में लेकर गई, जहां उसे सुरक्षित छोड़ा गया। हालांकि जंगल में पहुंचते ही अजगर ने कुत्ते को वापस उगल दिया। रेस्क्यू टीम ने बताया कि ऐसा सांप या अजगर तब करते हैं, जब उन्हें खतरा महसूस होता है या उनका शरीर भारी हो जाता है।

वन विभाग की टीम में वनरक्षक रतिराम, सतवीर सिंह, कार्य सहायक दुर्गा शंकर तिवारी और वन्यजीव प्रेमी प्रकाश सेन शामिल थे।



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading