☜ Click Here to Star Rating



राज्य सरकार के लोकल फॉर वोकल अभियान के तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले में आकांक्षा हाट बाजार शुरू किया जा रहा है। इसी कड़ी में नीति आयोग के आदेशों की पालना करते हुए जिला प्रशासन ने आदर्श स्टेडियम में 31 जुलाई से 7 अगस्त तक के लिए आकांक्षा हाट बाजार शुर

.

आकांक्षा हाट बाजार के लिए​ सरकार ने 5 लाख रुपए का बजट भी स्वीकृत किया है। इसमें जिले की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद को आमजन तक पहुंचाने का कार्य करना था। जहां एक ओर सरकार महिलाओं के समूहों को नई पहचान दिलाने के लिए इस तरह का प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने सिर्फ टेंट लगाकर अपने कर्तव्य से इतिश्री कर दी है। न तो इस हाट बाजार का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है और न ही हाट बाजार में कोई सुविधा है। इसके चलते इस हाट बाजार में दुकानें लगाने वाली महिलाएं पीने के लिए पानी तक अपने घर से लेकर पहुंच रही है।

जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए इ​स हाट बाजार में अधिकांश दुकानें खाली पड़ी है और जो दुकानें खुली है वह सूनी पड़ी है। आदर्श स्टेडियम में चल रहे आकांक्षा हाट बाजार को विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा ​गठित की गई एसएचजी को शामिल किया था। इस हाट बाजार में जिला उद्योग केंद्र, आईसीडीएस, राजीवि​का और नगरपरिषद के स्वयं सहायता समूहों को शामिल किया गया था। इन एसएचजी द्वारा तैयार किए स्थानीय उत्पादों को आमजन तक पहुंचाने के लिए काउंटर भी उपलब्ध करवाए गए।

20 दुकानों में से 7 दुकानें ही खुली, 13 खाली

आदर्श स्टेडियम में 31 जुलाई से संचालित हो रहे आकांक्षा हाट बाजार में जिला प्रशासन द्वारा 20 दुकानें तैयार की है। प्रशासन ने टैंट लगाकर 20 दुकानें बना दी। वहीं दो दिन तक हाट बाजार में सभी दुकानें फुल रही, लेकिन व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण आमजन इस हाट बाजार तक नहीं पहुंच पाए। आमजन के नहीं पहुंचने के कारण इन दुकानदारों का भी हाट बाजार से मोह भंग होना शुरू हो गया। वर्तमान में 20 दुकानों में से मात्र 7 दुकानें ही संचालित हो रही है और इन दुकानों के दुकानदार भी ग्राहकों के अभाव में हाट बाजार में खाली बैठे नजर आ रहे हैं।

“नीति आयोग के आदेशों की पालना में 31 जुलाई से 7 अगस्त तक आकांक्षा हाट बाजार लगाया है। 5 लाख के बजट वाले इस ​हाट बाजार में 20 दुकानें लगाई थी। ​शुरुआत में तो सभी दुकानें भरी थी, लेकिन आमजन के हाट बाजार में नहीं आने के कारण अधिकांश दुकानें खाली है।”

– रवि कुमार, सीईओ, जिला परिषद



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading