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नए आपराधिक कानूनों का सफल क्रियान्वयन करने के लिए राजस्थान को मॉडल स्टेट बनाया जाएगा। इसके लिए पुलिस मुख्यालय बड़े स्तर पर कार्य योजना बना रहा है। इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए हर रेंज और कमिश्नरेट से 9 जिलों का चयन किया है। मुख्यालय के सभी अधिकारियों को
माणक चौक, गांधीनगर व अशोक नगर सहित 40 सर्किल पायलट प्रोजेक्ट में शामिल
पायलट प्रोजेक्ट में जयपुर कमिश्नरेट से जिला वेस्ट, जोधपुर कमिश्नरेट में जिला ईस्ट, उदयपुर, अजमेर, कोटा शहर, भरतपुर, जयपुर रेंज जयपुर ग्रामीण, जोधपुर रेंज से जैसलमेर व बीकानेर रेंज श्रीगंगानगर जिले का चयन किया है। चयनित जिलों के अलावा बचे सभी जिलों में संबंधित रेंज आईजी और एसपी ने 40 सीओ सर्किल का चयन किया है। इनमें जयपुर कमिश्नरेट से माणक चौक, अशोक नगर व गांधीनगर को शामिल किया है।
- चयनित जिलों में 10 वर्ष से कम सजा के प्रावधान वाले मामलों का 60 दिन और 10 वर्ष से अधिक सजा वाले मामलों का 90 दिन में शत प्रतिशत निस्तारण हो। 7 साल से अधिक सजा के प्रावधान वाले मामलों में घटनास्थलों का साक्ष्य निरीक्षण एफएसएल व एमओबी टीम से कराने होंगे।
- हर मामले में घटनास्थल या अन्य प्रक्रिया का कम से कम एक वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य रूप से ई-साक्ष्य एप से हो। ई-समन तामील भी शत-प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हो।
- आपराधिक गतिविधियों से अर्जित सम्पत्ति की कुर्की व जब्ती की कार्रवाई ज्यादा हो। आपराधिक सिंडीकेट से जुड़े बदमाशों के खिलाफ बीएनएस की धारा 111 के तहत अधिक कार्रवाई हो।
- पुलिस के सीआरआई-एमएसी पोर्टल को थाना से लेकर एसपी स्तर तक रोजाना लॉगिन कर रिपोर्ट अपडेट करेंगे। पकड़े गए बदमाशों के फिंगर प्रिंट लेकर एनएएफआईएस पर अपलोड करेंगे।
“नए कानूनों के क्रियान्वयन में राजस्थान को मॉडल स्टेट बनाया जाएगा। इसके लिए प्रथम फेज में रेंज स्तर पर एक-एक जिले का चयन किया हैं, इनकी मॉनिटरिंग मुख्यालय की जाएगी।” -राजीव शर्मा, डीजीपी
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