नवमी के अवसर पर सिद्धपीठ गोगाजी धाम में हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
चूरू के झारिया गांव में सोमवार को गोगाजी मेले का आयोजन हुआ। नवमी के अवसर पर सिद्धपीठ गोगाजी धाम में हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। 122 मेड़ियों के गोगा भक्त निशान लेकर पहुंचे और खीर व चूरमे का प्रसाद अर्पित किया।
चूरू, गिनड़ी, सहजूसर, राजपुरा, कोटवाद, रिड़खला, सेहला, सातड़ा, सारायन, चलकोइ और चेनपुरा से श्रद्धालु पहुंचे। विधायक हरलाल सहारण ने भी धोक लगाकर देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

मंदिर में भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण गूंजायमान रहा।
करीब 100 वर्ष पुराने इस मंदिर में भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण गूंजायमान रहा। मुनीमजी की ढाणी स्थित घड़वा जोहड़ा धाम पर ऊंट-घोड़ी नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कैलाश चंद्र नवहाल के अनुसार, गांव झारिया के आशादास भगत को 11 वर्ष की आयु में गोगाजी महाराज ने प्रत्यक्ष दर्शन दिए थे। इसके बाद इस गोगामेड़ी की स्थापना हुई। पिछले 34 वर्षों से ओमप्रकाश भगत यहां सेवा दे रहे हैं।
बारिश से मौसम सुहावना होने के कारण मेले में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही। शेखावाटी क्षेत्र के ग्रामीण मेलों में यह सबसे बड़ा मेला माना जाता है। मेले में मिठाई, खिलौने और चाट-पकोड़े की दुकानें लगाई गईं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।
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