☜ Click Here to Star Rating



राजस्थान में काले गेहूं की खेती के प्रति किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। पहले यहां इस गेहूं की खेती न के बराबर होती थी लेकिन अब एक-एक कर कई जिलों में किसान काला गेहूं उगा रहे हैं। कारण- यह गेहूं सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है और सामान्य ग

.

राजस्थान में काले गेहूं के उत्पादन की अपार संभावनाएं भी हैं। क्योंकि यहां की मिट्टी और जलवायु इसके लिए अनुकूल है। काले गेहूं की बेहतर उपज के लिए दोमट, काली व बलुई मिट्टी उपयुक्त है। इसकी बुवाई के समय तापमान 14 से 20° डिग्री और कटाई के समय 28 से 32 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए जो राजस्थान में रहता है।

प्रदेश के विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) और राज्य स्तरीय प्रगतिशील किसानों की फील्ड रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021 में कोटा में 5 किसानों ने 42 टन गेहूं का उत्पादन किया, जिससे 30 लाख रुपए से अधिक की आमदनी हुई। इसके बाद वर्ष 2022 में बूंदी और भीलवाड़ा में किसानों ने काले गेहूं की खेती की और कुल 130 टन उत्पादन हुआ। वर्ष 2023 में झुंझुनूं और जालोर जिलों में 150 टन उत्पादन हुआ।

वर्ष 2024 में अजमेर और चित्तौड़गढ़ में कुल 135 टन और सीकर में 78 टन काले गेहूं की पैदावार हुई। किसानों को सबसे ज्यादा 64 लाख और 72 लाख रुपए से अधिक की कमाई झुंझुनूं और अजमेर जिलों में हुई। कुल आंकड़ा देखें तो पिछले 5 साल में प्रदेश के 8 जिलों कोटा, बूंदी, भीलवाड़ा, झुंझुनूं, जालोर, अजमेर, चित्तौड़गढ़ और सीकर में कुल 615 टन उत्पादन हुआ, जिससे कसानों को कुल ₹4.12 करोड़ रुपए की आय हुई। किसानों को 1 बीघा में औसतन 40 हजार रुपए तक मुनाफा मिल रहा है।

सामान्य के मुकाबले काले गेहूं के फायदे किसानों को – साधारण गेहूं की कीमत सामान्यत: 2200 रुपए से 2500 रुपए प्रति क्विंटल है जबकि काला गेहूं 7000 से 8000 रुपए प्रति क्विंटल बिकता है।

सेहत को – सामान्य गेहूं की तुलना में काले गेहूं में एंथोसायनिन नामक एंटीऑक्सीडेंट पांच गुना अधिक होता है। यह व्यक्ति को डायबिटीज, हृदयरोग, कैंसर जैसी विभिन्न बीमारियों से राहत दिलाने में लाभदायक है।

देश में सबसे ज्यादा उत्पादन संभव जालोर के केशवना कृषि विज्ञान केंद्र के वस्तु विषय विशेषज्ञ डॉ. बीरमसिंह का कहना है, राजस्थान की जलवायु काले गेहूं के लिए आदर्श है। सरकार बीज और तकनीकी मदद दे तो राज्य 5 साल में देश का सबसे बड़ा उत्पादक बन सकता है। कृषि पर्यवेक्षक भंवर लाखानी का कहना है, किसानों में इस गेहूं के प्रति रुझान बढ़ रहा है।



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading