टांटिया यूनिवर्सिटी के शिक्षा और शारीरिक शिक्षा संकाय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी ‘अनुसंधान के विभिन्न क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका’ बुधवार को सम्पन्न हो गई। जिसमें नेपाल सहित भारत के 11 राज्यों से

प्रोफेसर का सम्मान करते हुए।
साइबर क्राइम से बचाव की जानकारी दी
दूसरे दिन के पहले सत्र में मुख्य अतिथि डीवाईएसपी (साइबर क्राइम) कुलदीप वालिया ने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई।- अनजान व्यक्ति को मोबाइल न दें, एटीएम का उपयोग खुले में न करें और अनजान व्यक्ति से खाते में पैसे न मंगवाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि सिम लेते समय या आईडी देने के लिए आधार कार्ड की बजाय ड्राइविंग लाइसेंस का उपयोग करें।
AI शोध में उपयोगी, लेकिन सावधानी जरूरी
की-नोट स्पीकर प्रो. डॉ. विजयकुमार ग्रोवर (डीएवी बीएड कॉलेज) ने कहा- AI भविष्य में शोध के लिए वरदान साबित होगा, लेकिन इसका उपयोग सावधानी से करना होगा। उन्होंने कहा कि शोध में मेहनत के साथ AI का सहयोग लिया जा सकता है, लेकिन यह पूरा काम नहीं कर सकता।
संगोष्ठी के समन्वयक डॉ. सुरजीतसिंह कस्वां (शारीरिक शिक्षा संकाय) और डॉ. रेखा सोनी (उप प्राचार्य, शिक्षा संकाय) ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम में डॉ. राजेंद्र गोदारा (शिक्षा संकाय), डॉ. उम्मेदसिंह शेखावत (कृषि संकाय), दयानंदसिंह (फिजियोथैरेपी), डॉ. अनुराग बिस्सू, लेफ्टीनेंट संदीप भांभू, डॉ. रितुबाला और शिक्षाविद् रिछपालसिंह सहित कई संकाय सदस्य और विद्यार्थी मौजूद रहे।
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