मोकलसर रेलवे स्टेशन पर असामाजिक तत्वों ने रेलवे स्टेशन की दूसरी तरफ दीवार तोड़कर अनाधिकृत रास्ता बनाकर आवागमन शुरू कर दिया है। यह दीवार पिछले 15 साल से टूटी हुई है।
मोकलसर रेलवे स्टेशन का एकमात्र मार्ग मायलावास के वार्ड 11 से होते हुए गोगाजी चौराहा की तरफ से जाता है, लेकिन यात्री शॉर्टकट के चक्कर में स्टेशन के दूसरी तरफ पटरी पार कर आवागमन कर रहे हैं। इससे आए दिन हादसे भी हो रहे हैं। कई बार यात्री खड़ी रेल के नीचे से होकर दूसरी तरफ गुजरते हैं। शॉर्टकट रास्ते से रेलवे पटरी पार कर प्रतिदिन सैकड़ों यात्री आवागमन करते हैं, लेकिन रेलवे की ओर से क्षतिग्रस्त दीवार को ठीक करवाने व लापरवाही बरतने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
वर्ष 2017 में रेलवे स्टेशन से महज 300 मीटर की दूरी पर दो बालिकाओं की मौत ने जिम्मेदारों व नागरिकों दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया था। 2021 में खड़ी ट्रेन के नीचे से निकलने के दौरान सिवाना के एक बुजुर्ग का हाथ कट गया था। इन हादसों के बाद भी शॉर्टकट रास्ते के लिए लोग ट्रेन के नीचे से होकर गुजर रहे हैं। मोकलसर रेलवे स्टेशन पर अमूमन प्रतिदिन दर्जनभर यात्री ट्रेन संचालित हो रही है, इसमें सैंकड़ों लोग सफर करते हैं। इनमें से अधिकतर यात्री रेलवे स्टेशन की दूसरी तरफ से पटरी पार कर आते है, लेकिन इनको रोकने टोकने वाला कोई नहीं है। मोकलसर रेलवे स्टेशन का मुख्य द्वार मायलावास गांव की तरफ है। रेल में अधिकतर यात्री आस-पास के गांवों के सफर करते हैं, इसलिए उन्हें मायलावास चौराहा जाकर बस या अन्य वाहन पकड़ने की जल्दी रहती है। रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट से मायलावास चौराहा की दूरी सड़क मार्ग से लगभग 1.5 किमी है। वहीं रेल पटरी पार कर मायलावास चौराहा की दूरी महज 500 मीटर है। ऐसे में लोग जल्दी पहुंचने के प्रयास में रेल पटरी पार कर जीवन को खतरे में डाल रहे हैं।
मोकलसर रेलवे स्टेशन से रेल पटरी पार करते समय कई बार यात्री हादसे के शिकार हुए हैं लेकिन रेल विभाग अनधिकृत पटरी पार करते लोगों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर रहा है। दीवार तोड़कर दूसरी तरफ बनाए गए रास्ते को बंद करने से हादसों को रोका जा सकता है। – सूजाराम सरगरा, वार्ड पंच मायलावास।
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