राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर शहीद सार्जेंट सुरेंद्र कुमार के परिवार के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया X पर उन्होंने उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए जवानों की
डोटासरा ने अपनी पोस्ट में मोदी सरकार से 5 सवाल भी पूछे हैं।
लिखा- माफी मांगे सरकार
डोटासरा ने गुरुवार को अपनी पोस्ट में लिखा- ऑपरेशन सिंदूर में में वीरों की शहादत का अपमान करने एवं हिंदुस्तान की 140 करोड़ जनता को अंधेरे में रखकर गुमराह करने वाली मोदी सरकार को देश से माफी मांगनी चाहिए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद के भीतर जानकारी देते हुए ऑपरेशन सिंदूर में जवानों की शहादत और किसी भी नुकसान से इनकार किया था। मोदी सरकार के सक्षम स्तर और भाजपा नेताओं द्वारा बार-बार इस झूठ को दोहराया गया।
बोले- मोगा समेत 9 जवान ऑपरेशन सिंदूर में शहीद
डोटासरा ने पोस्ट में आगे लिखा- जबकि सच्चाई ये है कि झुंझुनूं (मेहरादासी) के लाल सुरेन्द्र मोगा जी समेत 9 जवानों ने देश की रक्षा करते हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहादत दी है। लेकिन मोदी सरकार सच्चाई बताने की जगह झूठ बोलती रही। सरकार ने ना तो शहीदों को बैटल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट यानी युद्ध के दौरान दुश्मन की गोलीबारी से शहादत का दर्जा दिया और ना ही सहायता पैकेज और सम्मान दिया।
हरियाणा में 4 करोड़ राजस्थान में शहीद परिवार को 5 लाख
डोटासरा ने पोस्ट में लिखा- इतना ही नहीं राजस्थान की निकम्मी भाजपा सरकार ने भी शहीद सुरेन्द्र जी के परिवार के साथ सौतेला व्यवहार किया। जहां हरियाणा ने अपने बेटे शहीद दिनेश कुमार को 4 करोड़ की आर्थिक सहायता दी, वहां राजस्थान सरकार ने झुंझुनूं के लाल को सिर्फ 5 लाख रुपए दिए। 3 महीने से शहीद का परिवार सम्मान मांगता रहा, लेकिन सरकार ने कोई सुनवाई नहीं की।

वायु सेना प्रमुख ने दी सांत्वना
पोस्ट में डोटासरा ने लिखा- अब स्वयं वायुसेना चीफ एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह जी ने शहीद सुरेन्द्र मोगा जी के पैतृक निवास मेहरादासी पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करके उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया है, और शहीद परिवार को सम्मान दिलाने का भरोसा दिया है।

तस्वीर, 12 अगस्त की है। जब वायु सेना (एयरफोर्स) प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह मंडावा (झुंझुनूं) के मेहरादासी गांव में सुरेंद्र मोगा के घर पहुंचे थे।
पोस्ट में पूछे 5 सवाल
- सवाल ये है कि रक्षा मंत्री ने संसद में झूठ बोलकर जनता को गुमराह क्यों किया?
- अब तक मोदी सरकार ने वीरों की शहादत को क्यों छिपाया?
- देश के लिए कुर्बानी देने वाले बेटों को सम्मान क्यों नहीं दिया गया?
- राज्य सरकार ने भी शहीद के परिवार को नौकरी और आर्थिक पैकेज अब तक क्यों नहीं दी?
- क्या भाजपा सेना के शौर्य और जवानों की शहादत में भी सियासत ढूंढती है?
मोगा के नाम पर होगा स्कूल
बता दें कि 12 अगस्त को वायु सेना (एयरफोर्स) प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह मंडावा (झुंझुनूं) के मेहरादासी गांव में सुरेंद्र मोगा के घर पहुंचे थे। उन्होंने इस दौरान शहीद मोगा की तस्वीर पर पुष्प चढ़ाए। इसके साथ ही सार्जेंट मोगा ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा की है। उनके बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। शहीद सुरेंद्र मोगा का बैटल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट जल्द जारी किया जाएगा। गांव के स्कूल का नामकरण सार्जेंट सुरेंद्र मोगा के नाम पर करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
वीरांगना सीमा देवी ने कहा- आज महसूस हो रहा है कि हमारे बलिदान को देश ने सम्मान दिया है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का यहां आना हमारे लिए बहुत बड़ा संबल है।
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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए झुंझुनूं के सुरेंद्र मोगा के घर वायु सेना (एयरफोर्स) प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह पहुंचे। उन्होंने सुरेंद्र के परिवार वालों से मुलाकात। साथ ही कहा- भारतीय वायु सेना हमेशा शहीद के परिवार के साथ खड़ी है। (पढ़ें पूरी खबर)
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