पाली के निकट स्थित हेमावास बांध से पानी बाहर आने की सूचना पर मौके पर पहुंच अधिकारी गड्ढे में मिट्टी के कट्टे रखवाते हुए ताकि पानी के बहाव को रोका जा सके।
पाली जिला मुख्यालय के निकट स्थित हेमावास बांध की पाल के निकट पानी रिसाव होने की सूचना पर सोमवार को सिंचाई विभाग के अधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जहां से पानी आ रहा था। वहा मजदूरों से मिट्टी के कट्टे रखवाएं गए है। यह पानी बांध की दीवार से रिसाव

पाली के निकट हेमावास बांध के निकट मिट्टी के कट्टे भरते हुए मजदूर।
पाली शहर के मानपुरा भाकरी के पास स्थित हेमावास बांध की पाल से हेमावास की तरफ जाने वाले कच्ची सड़क के पास पानी का रिसाव होने की सूचना पर सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहां उन्हें एक गड्ढा नजर आया। जिससे पानी बाहर की तरफ बह रहा था। ऐसे में तुरंत वहां मिट्टी के कट्टे रखवाए गए ताकि पानी के बहाव को रोका जा सके। फिलहाल अधिकारी मौके पर है। यह पानी बांध की पाल से रिसाव होकर आ रहा है या सीपेज है इसको लेकर जांच कर रहे है।
14 गांवों में होती है पानी की सिंचाई जिले में जवाई बांध के बाद हेमावास प्रमुख बांध है। इसके पानी से पाली शहर सहित आस-पास के रामासिया, हेमावास, मंडली, मंडिया गिरादड़ा, गुलाबपुरा, रूपावास, मूलियावास, राऊबा की ढाणी, काणदरा, गुरलाई सहित करीब 14 गांवों में सिंचाई के लिए किसानों को पानी उपलब्ध करवाया जाता है। बांध की भराव क्षमता 28 फीट है। साथ ही पेयजल के लिए भी इस बांध में 500-600 MCFT (मिलियन क्यूबिक फीट) पानी रिर्जव रखा जाता है।
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