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जयपुर पुलिस ने 1.50 करोड़ रुपए की चोरी के मास्टर माइंड को गुरुवार रात अरेस्ट कर लिया है। जो पिछले सवा साल से तीन राज्यों में छिप रहा था। ठिकाने बदलकर फरारी काट रहा था। वारदात से लेकर पुलिस को चकमा देने के लिए उसने यूट्यूब पर दर्जनों क्राइम सीरियल देखे
डीसीपी (नॉर्थ) करण शर्मा ने बताया- मामले में फरार मास्टर माइंड अभिषेक सिंह (27) पुत्र जितेन्द्र सिंह निवासी रतन नगर चुरू हाल मोजिका अल्टिका बिल्डिंग खोह नागोरियान को अरेस्ट किया गया। फिल्मी स्टाइल में 1.50 करोड़ रुपए की चोरी मामले में पिछले सवा साल से उसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस को लगातार चकमा देने पर आरोपी अभिषेक सिंह पर 25 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। वह हरियाणा, पश्चिमी बंगाल व उत्तराखंड में अपने छिपने के ठिकाने बदल फरारी काट रहा था।
3 दर्जन से अधिक बिल्डिंग को किया चैक
फरारी इनामी बदमाश अभिषेक सिंह को पकड़ने के लिए SHO (विद्याधर नगर) राकेश ख्यालिया के नेतृत्व में टीम लगाई गई। टेक्निकल क्यू डवलप करने पर जगतपुरा स्थित बोम्बे हॉस्पिटल के पास आरोपी अभिषेक सिंह के फरारी काटने की जानकारी मिली। हॉस्पिटल के आस-पास करीब 3 दर्जन से अधिक बिल्डिंग को चैक किया गया। सर्च के दौरान खोह नागोरियान जगतपुरा स्थित मोजिका अल्टिका बिल्डिंग में छिपे मिले इनामी बदमाश अभिषेक सिंह को गुरुवार रात दबिश देकर पकड़ा गया।
यू-ट्यूब पर देखे दर्जनों क्राइम सीरियल
गिरफ्तार मास्टर माइंड अभिषेक सिंह के खिलाफ हत्या, किडनैपिंग, आर्म्स एक्ट आदि के करीब आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज है। पुलिस की कार्यप्रणाली को समझने के साथ ही वारदात कर चकमा देने के लिए उसने यू-ट्यूब और सोशल साइट्स पर दर्जनों क्राइम सीरियल देखे। चोरी से लेकर पुलिस से बचने में भी क्राइम सीरियल उसके काफी मददगार भी साबित हुए। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की रकम से एक डम्पर खरीदना, कुछ रुपए से बैंक में गिरवी रखा अपनी पत्नी का गोल्ड छुड़वाना बताया है। पुलिस आरोपी से चोरी किए कैश की बरामदगी के प्रयास कर रही है।
ये है मामला
दरअसल, विद्याधर नगर थाने में ट्रांसफॉर्मर उत्पादन कंपनी में CFO सज्जन कुमार छीपा ने 1.50 करोड़ की चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया- उनके ऑफिस स्टाफ विजय कुमार टांक जयपुर में भाटी कॉम्पलेक्स में रहता है। ऑफिस की अलमारी स्टाफ विजय के घर रखी हुई थी। इसमें ऑफिस के जरुरी डॉक्युमेंट, स्टाम्प पेपर, चैक व 1.50 कैश रखा जाता था। 21 जून 2024 को विजय कुमार ने कॉल कर ऑफिस की अलमारी रात को चोरी होने के बारे में बताया।
फिल्मी स्टाइल में चोरी, उठा ले गए अलमारी
पुलिस जांच में सामने आया कि ऑफिस स्टाफ विजय की ओर से अलमारी में रखे कैश और सामान का वीडियो बनाकर अधिकारियों को भेजा जाता था। वीडियो में बड़ी संख्या में कैश रखा विजय के परिचित ने देख लिया। विजय के घर में रखी अलमारी में मोटी रकम हमेशा रखे होने के बारे में आरोपी अभिषेक सिंह को बताया।
यू-ट्यूब और सोशल साइट्स पर कई क्राइम सीरियल देखकर अभिषेक ने चोरी व फरारी का प्री-प्लान बनाया। प्लान के तहत गैंग में एक युवती सहित चार साथियों को शामिल किया। वारदात से करीब 15-20 दिन पहले गैंग में शामिल दीप्ति नाम युवती से ऑफिस स्टाफ विजय की दोस्ती करवाई। जिसके बाद युवती का उसके घर पर आना-जाना शुरू हो गया।
20 जून की रात करीब 10:30 बजे विजय के साथ दीप्ति उसके घर पर आई। धोखे से नशीला पदार्थ पिलाकर विजय को बेहोश कर दिया गया। इसके बाद दीप्ति ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया। रात के अंधेरे में आए साथियों ने अलमारी उठा ले गए। पिकअप में डालकर अलमारी को जगतपुरा ले जाकर तोड़ा।
अलमारी में रखे मिले 1.50 करोड़ रुपए का आपस में बटवारा कर फरार हो गए। CCTV फुटेज के आधार पर पीछा करते हुए पहुंची पुलिस टीम ने दबिश देकर युवती सहित चार आरोपियों को धर-दबोचा। जिनके कब्जे से चोरी किए 63 लाख बरामद किए गए। वारदात में यूज पिकअप फरार मास्टर माइंड अभिषेक के लेकर भाग गया था। जिसे उसने अपने भाई के घर खड़ी कर दी थी।
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