यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा- 2026 में होने वाले नगर निकाय चुनाव के लिए विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। वार्डों का पुनर्गठन भी हो चुका है। अब दो बातें हैं, एक तो राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों का निर्माण होकर अंतिम प्रकाशन होना। दूस
ओबीसी डाटा उपलब्ध करवाने के बाद आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। लॉटरी निकालने के बाद जब आरक्षण का काम पूरा हो जाएगा और मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन हो जाएगा तब विभाग राज्य निर्वाचन आयोग को एक राज्य, एक चुनाव के तहत अपनी सुविधा के अनुसार चुनाव करवाने का अनुरोध करेगा।

नामांतरण प्रमाण पत्र सौंपते हुए यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा।
खर्रा ने कहा- शहरी सेवा अभियान में नगर पालिका, नगर परिषद, नगर निगम, नगर विकास न्यास, विकास प्राधिकरण को आमजन की सभी प्रकार की समस्याएं ऑनलाइन प्राप्त होंगी। जिसका निस्तारण किया जाएगा। अभियान से पहले सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया था कि शहर में कहां-कहां सड़के टूटी हैं, कहां पानी की दिक्कत है, कौनसे वार्ड में नाली की समस्या है, रोशनी नहीं है, उन समस्याओं को चिन्हित कर लें।
इस अभियान में इन सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इसके अलावा जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास, नामान्तरण, भूखंड पट्टे, विवाह पंजीयन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने सहित इन समस्याओं का निस्तारण भी किया जा रहा है। सीकर में नगर परिषद, यूआईटी सहित ग्रामीण इलाकों में भी अभियान लगाकर लोगों जनसमस्याओं का समाधान किया जा रहा है। शहरी-ग्रामीण इलाकों में यह अभियान खत्म होने के बाद भी आवेदन आते हैं तो एक समय सीमा तय की जाएगी और बाद में इनका निस्तारण किया जाएगा।

यूआईटी में शहरी सेवा अभियान का निरीक्षण करते हुए यूडीएच मंत्री।
झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि पिछली कांग्रेस की सरकार ने भी यह अभियान चलाया था। लेकिन वह अभियान धनपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए था। इसलिए कांग्रेस ने 10-10 हजार वर्ग मीटर के पट्टे 500-500 में बना कर दे दिए। 10 हजार वर्ग मीटर का मतलब होता है एक हेक्टर भूमि, यानी की 4 बीघा जमीन। आम मध्यवर्गीय लोगों के पास इतना बड़ा मकान नहीं होता। कांग्रेस ने पट्टे जारी कर धनपतियों को फायदा पहुंचाया है।
खर्रा ने कहा कि इस अभियान में धनपतियों को फायदा नहीं पहुंचाया जाएगा। जो वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उन्हें फीस में छूट दी जाएगी। जबकि आर्थिक रूप से मजबूत लोगों से पूरी फीस वसूल की जाएगी। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने यह बात सीकर के यूआईटी में आयोजित शहरी सेवा अभियान में संबोधित करते हुए कही। खर्रा ने आमजन को पट्टे व नामांतरण भी वितरित किए।
सीकर के यूआईटी ऑफिस में आयोजित शहरी सेवा अभियान में 11 नामांतरण 15 भूखंड पट्टे वितरित किए गए। यूआईटी में लोगों की भीड़ नहीं देखने को मिली और कुर्सियां खाली पड़ी रही। यूआईटी सचिव जगदीश गौड़ ने बताया कि सभी डाक्यूमेंट्स के आवेदन करने की प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है जिसके भीड़ नहीं आ रही।
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