बीसलपुर बांध के चार गेट आज और खोलकर अब छह गेटों से प्रति सेकंड 6 0 हजार 100 क्यूसेक पानी निकासी की जा रही है ।
टोंक जिले में स्थित बीसलपुर बांध में पानी की आवक तेजी से बढ़ने से शनिवार सुबह चार गेट और खोल दिए है। अब छह गेटों से 60100 क्यूसेक पानी की निकासी प्रति सेकंड की जा रही है। छ गेट फिर से करीब 25 दिन बाद खुले है।
आज सुबह 6 बजे पहले गेट नंबर 9,10 डेढ़ – डेढ़ मीटर खुले हुए थे। फिर 6 बजे इन्हे दो-दो मीटर खोला गया । उसके बाद सुबह 7.30 बजे फिर दो गेट नंबर 7 , 8 को और खोलकर पानी निकासी बढ़ाई गई। फिर चारों गेटों से प्रति सेकंड 36060 क्यूसेक पानी की निकासी बनास नदी में की गई। फिर बांध में पानी आवक बढ़ी तो सुबह 9 बजे दो गेट और खोल दिए। यानि कुल 6 गेट खोलकर प्रति सेकंड 60 हजार 100 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है । इन छ गेट में से गेट नंबर 7 और 12 को एक-एक मीटर खोल रखा है। वहीं गेट नंबर 8,9,10,11 को दो दो मीटर खोल रखा है। बीसलपुर बांध के XEN मनीस बंसल ने बताया कि बांध का जल स्तर 315.50 आर एल मीटर मेंटेन करके पानी निकासी की जा रही है। त्रिवेणी 4 मीटर के बहाव से बह रही है।

टोंक शहर में बस स्टेंड से बंमोर रोड पर आधा फ़ीट पानी भरा है।
ज्ञात रहे कि 24 जुलाई को बीसलपुर बांध फुल भरने पर शाम 4.55 बजे इसका एक गेट 10 नंबर को एक मीटर खोलकर प्रति सेकंड 6010 क्यूसेक पानी की निकासी की थी। फिर बांध में पानी की आवक बढ़ने से 27 जुलाई सुबह करीब 7 बजे बांध का दूसरा गेट नंबर 11 को एक मीटर खोला गया। उस समय गेट नंबर दस को 2 मीटर खोल रखा था।
फिर बांध में पानी की आवक बढ़ने से उसी रात करीब 8 बजे दो गेट नंबर 9 और 12 को दो – दो मीटर खोल कर पानी निकासी बढ़ाई गई। उस समय सभी चारों गेटों से प्रति सेकंड 48 हजार 80 क्यूसेक पानी बनास बनास नदी में छोड़ा जा रहा था। इस दौरान बांध में पानी की आवक फिर बढ़ने से एक घंटे बाद ही रात करीब 9 बजे बांध के दो गेट नंबर 8 और 13 को एक- एक मीटर खोलकर फिर पानी निकासी बढ़ाई गई। उस समय इन सभी 6 गेटों से इस सीजन के अभी तक में सबसे ज्यादा प्रति सेकंड 72 हजार 120 क्यूसेक पानी की निकासी बांध में से बनास नदी में की गई ।
28 जुलाई को सुबह करीब 8 बजे बांध में पानी की आवक थोड़ी कम पड़ने से गेट नंबर 10 और 11 को 3-3 मीटर की बजाय 1-1 मीटर कम करके इन्हे दो-दो मीटर ही खोलकर पानी की निकासी कम की गई। उस् समय सभी 6 गेटों से प्रति सेकंड 60 हजार 100 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी।

सोप कस्बे के राजकीय महात्मा गांधी स्कूल में बीती रात हुई तेज बारिश से पानी भर गया है।
फिर 29 जुलाई सुबह 6 बजे पानी की आवक बढ़ने से गेट नंबर 10 और 11 को फिर से 3-3 मीटर खोलकर पानी निकासी बढ़ाई गई। फिर बांध से इन सभी 6 गेटों से प्रति सेकंड 72 हजार 120 क्यूसेक पानी की निकासी की गई।
30 जुलाई सुबह 6 बजे फिर बांध में पानी की आवक कम पड़ने से गेट नंबर 8, 12 और 13 को पूरी तरह बंद कर दिया। फिर गेट नंबर 9,10,11 को एक एक मीटर खोलकर 18 हजार 30 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। 31 जुलाई को पानी की आवक बढ़ने से गेट नंबर 10 एक को एक मीटर से बढ़ाकर दो मीटर खोला गया। उसके बाद इन सभी तीनों गेटों से प्रति सेकंड 24040 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। 1 अगस्त को पानी की आवक बढ़ने से सुबह एक और गेट नंबर 8 को खोला गया। सभी चारो गेट 8,9,10,11 को दो दो मीटर खोलकर प्रति सेकंड 48 हजार 80 क्यूसेक पानी की निकासी बनास नदी में की गई। लेकिन यह व्यवस्था ज्यादा दिन नहीं चली। एक दिन बाद ही बांध में पानी की आवक कम पड़ने से 24 घंटे बाद गेट नंबर 8 को 2 अगस्त सुबह 6 बजे फिर से बंद कर दिया गया। लगातार बांध में पानी की आवक कम पड़ने से अब गेट नंबर 11 को भी 3 अगस्त सुबह 6 बजे बंद कर दिया है। फिर पहले की तरह तीन गेट नंबर 9, 10 को एक-एक मीटर खोलकर 12020 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड बनास नदी में छोड़ा जा रहा था।

हमीरपुर स्कूल समेत अन्य संस्थानों में पानी भर गया है।
बांध में पानी की आवक फिर कम पडने से 4 अगस्त सुबह 9 बजे दोनों गेटों से पानी निकासी तीन चौथाई घटा दी। यानि इन दोनों गेटो को एक एक मीटर से घटाकर 25-25 सेंटीमीटर कर दिया है। फिर बांध में पानी की आवक कम पड़ने से 5 अगस्त को पांचवां गेट बंद कर दिया। फिर एक गेट नंबर 9 से पानी निकासी जारी रखी।
22 अगस्त को बांध में पानी बढ़ने से सुबह 6 बजे इस गेट को 0.05 मीटर (5 सेंटीमीटर ) से बढ़ाकर
0.25 मीटर (25 सेंटीमीटर) खोला गया। इससे
। प्रति सेकेंड 1503 क्यूसेक पानी की निकासी की गई, लेकिन बांध में फिर पानी की आवक बढ़ने से दो घंटे बाद ही इस गेट को सुबह 8 बजे आधा मीटर (50 मीटर) खोलकर प्रति सेकेंड 3005 क्यूसेक पानी बनास नदी में छोड़ा गया । फिर बांध में पानी की आवक बढ़ने से इस गेट से सुबह 9 बजे तीसरी बार पानी निकासी बढ़ाई गई।
तीसरी बार इस गेट को एक मीटर खोलकर प्रति सेकंड 6010 क्यूसेक पानी की निकासी की गई ।

टोंक शहर में आज सुबह रसिया की छतरी पर छाये बादल।
फिर दोपहर को फिर बांध में पानी की आवक बढ़ी और ढाई बजे 18 वें दिन फिर से दूसरा गेट नंबर 10 खोल कर पानी निकासी की गई। दोनों गेटों को एक-एक मीटर खोलकर प्रति सेकंड दोनों गेटों से 12020 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। यह चौथी बार था, जब एक दिन में पानी निकासी बढ़ाई गई। फिर बांध में पानी की आवक बढ़ी तो शाम पौने पांच बजे दोनों गेटों से पानी निकासी बढ़ाई गई। दोनों गेटों को डेढ़ डेढ़ मीटर खोल कर प्रति गेट से प्रति सेकंड 9015 क्यूसेक पानी निकासी की गई।
फिर शनिवार सुबह 6 बजे इन्हे दो दो मीटर खोला गया।फिर 8 बजे दो गेट और खोल दिए।

शहर में भी बीती रात हुई तेज बारिश से कई जगह आधा से एक फ़ीट पानी बह निकला। कुछ जगह पानी निकासी की व्यवस्था सुचारु होने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है ।
तीसरे दिन भी बारिश का दौर जारी, 24 घंटे में औसत 40 MM बारिश हुई:
जिले में लगातार तीसरे दिन भी कई हल्की तो कई तेज और मध्यम गति की बारिश हो रही है। इससे पहले रात भर भी रुक-रुक कई तेज तो कई मध्यम गति की बारिश हुई। अभी भी यह सिलसिला जारी है ।
बीते 24 घंटे में सुबह 8 बजे तक जिले में औसत बारिश करीब 119 MM हुई है। इसी के साथ जिले में बारिश का आंकड़ा 965.62 MM पहुंच गया है। यानि कुल 147.44 प्रतिशत बारिश हो गई है। बांध 99.84 प्रतिशत भर गए है। सबसे ज्यादा बारिश बीते 24 घंटे में ठीकरिया रेन गेज सेंटर पर 340 MM दर्ज की गई है। इसके अलावा गलवा पर 113 MM, गलवानिया 122 MM , माशी 130 MM, निवाई 162 MM, पनवाड 114 MM, टोंक 167 MM, अलीगढ़ 121 MM, नगरफोर्ट 194 MM, दूनी 135 MM, उनियारा 280 MM बारिश हुई है । इसके चलते आज बस स्टैंड से बमोर रोड पर भी पानी आधा फ़ीट पानी भरा है। इससे जन जीवन प्रभावित हो रहा है। बनेठा- टोंक के बीच का नागो नाला उफान पर होने से यह रास्ता बंद हो गया है। सोप के राजकीय महात्मा गांधी स्कूल में पानी भर गया है।

कलेक्टर कल्पना अग्रवाल और SP राजेश कुमार मीना ने जेसीबी पर बैठकर वनस्थली में जल भराव का जायजा लिया। लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
कलेक्टर, SP ने जेसीबी में बैठकर लिया जायजा:
जिले में बीती रात से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच कलेक्टर कल्पना अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना ने टोंक एवं निवाई उपखंड में जल भराव क्षेत्रों का जायजा लिया।

लोगों को वनस्थली में जल भराव में से सुरक्षित स्थान पर निकलती SDRF की टीम।
कलेक्टर कल्पना अग्रवाल और टोंक एसपी राजेश कुमार मौके पर वनस्थली में मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया लोगों से बातचीत की। जल भराव में फंसे लोगों को बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा। इलाके में जल भराव क्षेत्र का कलेक्टर और एसपी ने खुद JCB में बैठकर गांव का जायजा लिया। मौके पर SDRF टीम लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है। वहीं SDM रामकरण सिंह, नायब तहसीलदार रामकेश मीणा सहित प्रशासनिक अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
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