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हाड़ौती क्षेत्र में जोरदार बारिश की वजह से चंबल नदी में पानी की आवक हुई है। चंबल नदी खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर पहुंच गई।

धौलपुर जिले में पिछले कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी के हालात बने हुए हैं। जिले में बारिश की संभावना दूर-दूर तक नहीं है। इसके बावजूद एक ओर जहां चंबल नदी उफान पर है, तो वहीं आंगई बांध के चार गेट खोलकर फिर से पानी की निकासी की जा रही है।

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कोटा सहित झालावाड़ और हाड़ौती क्षेत्र में जोरदार बारिश की वजह से चंबल नदी में पानी की आवक हुई है। जिस वजह से कोटा बैराज के गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। कोटा बैराज से छोड़ा गया पानी धौलपुर से होकर गुजर रही चंबल नदी तक पहुंच गया है। जिसके चलते शनिवार को चंबल नदी खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर पहुंच गई। चंबल नदी में खतरे का निशान 130.79 मीटर हैं। शनिवार को सुबह 11 तक चंबल नदी का जलस्तर 132.80 मीटर दर्ज किया गया है। जो खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर है। इससे पहले पिछले महीने चंबल नदी का जलस्तर 142 मीटर के पास पहुंच गया था। जिसके चलते कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए और सेना को बुलाया गया था।

दूसरी ओर करौली सहित दूसरे क्षेत्रों में हुई बारिश की वजह से कैचमेंट एरिया में लगातार पानी की आवक हो रही है। जिसके चलते आंगई बांध अपनी भराव क्षमता 223.41 मीटर के पास 223.20 मीटर पहुंच गया। जिसके चलते सुबह 11 बजे बांध के चार गेट खोले गए हैं। आंगई बांध के गेट खोलकर 4523 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। पार्वती नदी में पानी छोड़े जाने के चलते संबंधित इलाके की पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

जिले के सरमथुरा स्थित दमोह झरने में बीते एक सप्ताह में दो लोगों की डूबने से मौत हुई। दमोह झरने में दो लोगों की मौत होने के बाद जिला कलेक्टर ने झरने के 500 मीटर की परिधि में आवाजाही पर रोक लगाई है।



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