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पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कई राज्यों के राज्यपाल रहे चौधरी सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि दी गई।
चूरू की सैनिक बस्ती स्थित वीर तेजाजी सामुदायिक भवन में शुक्रवार शाम पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कई राज्यों के राज्यपाल रहे चौधरी सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि दी गई।
श्रद्धांजलि सभा में प्रो. एचआर इसराण ने बताया कि मलिक का जन्म एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने छात्र जीवन से ही राजनीति की शुरुआत कर दी थी। वह मेरठ कालेज के छात्रसंघ अध्यक्ष से लेकर उत्तर प्रदेश विधानसभा सदस्य, राज्यसभा सदस्य, लोकसभा सदस्य और केंद्रीय मंत्री तक के पदों पर रहे।
इसराण ने बताया कि मलिक बिहार, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, गोवा और मेघालय जैसे कई राज्यों के राज्यपाल रहे। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहते हुए उन्होंने धारा 370 को खत्म करने और वहां शांति स्थापित करने का साहसिक कार्य किया। भारतीय किसान यूनियन चूरू के जिलाध्यक्ष रामरतन सिहाग ने कहा कि मलिक ने राज्यपाल के पद पर रहते हुए भी किसानों के हित में आवाज उठाई। उन्होंने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार से बात की।
सिहाग ने यह भी कहा कि मलिक महिला खिलाड़ियों के उत्पीड़न के विरोध में भी डटकर बोले थे। उन्होंने दुख जताया कि ऐसे महान व्यक्तित्व का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से नहीं किया गया, जो केंद्र सरकार की तानाशाही दर्शाता है। श्रद्धांजलि सभा में जाट महासभा के संभाग अध्यक्ष हरफूल सिंह भांभू, जाट विकास संस्थान अध्यक्ष सोहनलाल फगेड़िया, राजस्थान जाट महासभा जिलाध्यक्ष रणवीर सिंह कस्वां सहित कई लोग मौजूद रहे।
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