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नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कफ सिरप से बच्चों की मौतों और एसएमएस ट्रोमा सेंटर में आगजनी से मौतों को लेकर सरकार पर तंज कसा है। जूली ने कहा- एसएमएस अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में हुई मौतों का आंकड़ा छिपाया जा रहा है। आठ लोगों की मौत हुई। मौत का यह आंकड
जूली ने कहा- ये मृतकों का आंकड़ा छिपा रहे हैं। ये एक दो दिन बाद एक एक करके मौतें डिक्लेयर करेंगे। परिजनों को डेड बॉडी के लिए धरना देना पड़ा। मुख्यमंत्री अस्पताल गए तो परिजनों को पीट-पीट कर भगा दिया। ताकि सच्चाई छिप जाए। सारे सबूत मिटा दिए गए। जूली दिल्ली में कांग्रेस हेडक्वार्टर में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
कफ सीरप खरीद में बहुत बड़ा घोटाला, कफ सिरप से हुई मौतें सिस्टमेटिक हत्या
जूली ने कहा- कफ सिरप में DEG की मौजूदगी को सरकार नकारती है। राजस्थान और एमपी ने जांच में देरी की। ऐसा लग रहा है, कफ सिरप की खरीद में बहुत बड़ा घोटाला हुआ है। इसमें बहुत बड़ा भ्रष्टाचार नजर आ रहा है। ये लोग बच्चों की जान का सौद कर रहे हैं। इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, बच्चा मरता है नौजवान मरता है या बुजुर्ग मरता है। कफ सिरप से हुई मौतें सिस्टमेटिक हत्या है। कफ सीरप बनाने वाली कंपनी ब्लैक लिस्टेड है। जो कंपनियां ब्लैकलिस्टेड हैं और बदनाम है। उनसे सप्लाई क्यों लेते हैं? ऐसी क्या मजबूरी है कि इन ब्लैकलिस्टेड कंपनियों से दवा सप्लाई ली जा रही है।
राजस्थान में 27 सितंबर को जब तीसरे बच्चे की मौत हुई। उसमें तुरंत कार्रवाई करने की जगह एक कमेटी बना दी। अब कमेटी का सिस्टम तो सब जानते ही हैं, किसी मामले को टालना हो तो कमेटी बना देते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री तो सवाल छोड़कर भाग गए
जूली ने कहा- तमिलनाडु सरकार ने मध्य प्रदेश से अलर्ट मिलने के 24 घंटे के अंदर प्रतिबंध लगा दिया। कफ सिरप से बच्चों की मौत पर राजस्थान में जब स्वास्थ्य मंत्री से पूछा गया हो तो प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर चले गए। उनका जवाब नहीं दिया। यह कहा कि हमने जांच करवा ली, कफ सिरप में कोई कमी नहीं हे।
कफ सिरप से जिन बच्चों की मौत हुई उनके परिजनों पर दबाव डाल रही सरकार
जूली ने कहा- कफ सिरप का बहुत गंभीर मामला है। जिन बच्चों की कफ सिरप से मौत हुई है उन बच्चों के परिजनों पर दबाव डाला गया है कि वे किसी का नाम नहीं लें कि हमने सरकारी अस्पताल से दवा खरीदी है। मरीजों के परिजनों को चुप कराया जा रहा है। सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि पता नहीं उन्होंने कहां से दवा खरीदी?
पर्ची सरकार अब उड़न खटोला सरकार बन गई : जूली
जूली ने कहा- मुख्यमंत्री 40 दिनों से मोदी चालीसा पढ़ने में लगे हुए हैं। मोदी चालीसा पढ़ने की जगह 15 दिन में हॉस्पिटल मेंटेनेंस में लगाते तो लोगों की जान भी बचती और पीएम का जन्मदिन अच्छे से मनता। पूरी सरकार स्वागत सम्मान और बड़े-बड़े प्रचार में लगी रही और इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री तो राजस्थान से ज्यादा दिल्ली दौरे पर रहते हैं। पहले तो लोग पर्ची सरकार कहते रहे हैं, आज वह सरकार उड़न खटोला सरकार बन चुकी है। उड़न खटोला उठाया और दिल्ली आ गए। सीएम जनता के बीच में जाने से ज्यादा दिल्ली दरबार में हाजरी लगाने में व्यस्त है। अपनी कुर्सी बचाने में व्यस्त हैं। सीएम इतना ध्यान अगर राजस्थान में देते तो कफ सिरप से बच्चों की मौत नहीं होती, बच्चे स्कूलों में दबकर नहीं मरते और अस्पताल में जानें नहीं जाती।
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