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अलवर जिले के सेना के जवान सुनील कुमार मीणा (35) का मंगलवार को अंतिम संस्कार किया गया। राजगढ़ के दुब्बी गांव में 3 साल के बेटे ने जवान की अंतिम यात्रा के दौरान अर्थी को कंधा दिया और मुखाग्नि दी। इस दौरान हर किसी की आंखें नम हो गईं।

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अंतिम संस्कार से पहले अलवर सिकंदरा मेगा हाईवे स्थित कोठी नारायणपुर से 5 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। जवान की पार्थिव देह के अंतिम दर्शन करने के दौरान पत्नी बेसुध हो गई। महिलाओं ने उन्हें संभाला।

सुनील कुमार दिल्ली में सेना के हेडक्वार्टर की 5 एसआई जीपी यूनिट में नायक पद पर तैनात थे। 5 अक्टूबर की रात को उनका निधन हो गया था।

पति को अंतिम विदाई देने के दौरान सुनील कुमार की पत्नी मनीषा बेसुध हो गईं। वहां मौजूद महिलाओं ने उन्हें संभाला।

पति को अंतिम विदाई देने के दौरान सुनील कुमार की पत्नी मनीषा बेसुध हो गईं। वहां मौजूद महिलाओं ने उन्हें संभाला।

तीन साल के बेटे तनवीर ने पिता सुनील कुमार की अंतिम यात्रा के दौरान अर्थी को कंधा दिया।

तीन साल के बेटे तनवीर ने पिता सुनील कुमार की अंतिम यात्रा के दौरान अर्थी को कंधा दिया।

सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार किया सुनील कुमार की पार्थिव देह को मंगलवार दोपहर 2:30 बजे दिल्ली से दुब्बी गांव लाया गया। गांव में ‘भारत माता की जय’ और ‘सुनील कुमार मीणा अमर रहें’ के जयकारे लगे।

इस दौरान थानागाजी विधायक कांतिलाल मीणा समेत अन्य लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। शाम 4 बजे गांव के स्कूल के पास जवान का सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया।

सुनील कुमार के तीन साल के बेटे तनवीर ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान अलवर से आई जाट रेजिमेंट की टुकड़ी ने नायक सुनील कुमार को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

पैतृक गांव दुब्बी में सुनील कुमार की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार किया गया।

पैतृक गांव दुब्बी में सुनील कुमार की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार किया गया।

2011 में सेना में हुए थे भर्ती सुनील कुमार 2011 में सेना में भर्ती हुए थे। साल 2021 में मनीषा से उनकी शादी हुई थी। सुनील के पिता दुर्गा प्रसाद रेलवे में नौकरी करते हैं।

सुनील परिवार के साथ अलवर के मालवीय नगर में रहते थे। जब वे छुट्टी पर आते थे, तब अलवर शहर में ज्यादा समय बिताते थे। हालांकि कभी-कभी गांव में भी आते रहते थे।

पत्नी मनीषा और बेटे तनवीर के साथ सुनील कुमार। (फाइल फोटो)

पत्नी मनीषा और बेटे तनवीर के साथ सुनील कुमार। (फाइल फोटो)

निधन से 4 दिन पहले ही घर से गए थे अलवर में सुनील कुमार के पड़ोसी संदीप कुमार ने बताया कि सुनील चार दिन पहले ही छुट्‌टी के बाद अलवर से अपनी ड्यूटी पर गए थे। 6 अक्टूबर को परिजन को उनके निधन की सूचना मिली।

जवान सुनील कुमार को अंतिम विदाई देने के लिए सैकड़ों लोग जुटे।

जवान सुनील कुमार को अंतिम विदाई देने के लिए सैकड़ों लोग जुटे।

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