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पूर्व विधायक मेवाराम जैन की कांग्रेस में वापसी के साथ ही बाड़मेर में विवाद बढ़ गया है। बाड़मेर, बायतु और बालोतरा में जगह- जगह मेवाराम जैन के कथित अश्लील फोटो के होर्डिंग-पोस्टर लगाए गए थे।

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इस मामले पर मेवाराम जैन ने भी अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है- मेरे विरोधियों को डर है कि मैं कहीं फिर एमएलए ना बन जाऊं, जबकि मैं तो मंत्री तक नहीं रहा, विरोधियों की पहुंच दिल्ली तक है।

जैन ने भास्कर से खास बातचीत की और खुलकर अपना पक्ष रखा।

आगे बढ़ने से पहले देखिए… 2 तस्वीरें

22 सितंबर को दिल्ली में मेवाराम जैन और कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा की मुलाकात हुई थी। इसके बाद मेवाराम शनिवार की तड़के 3 बजे बाड़मेर पहुंचे थे।

22 सितंबर को दिल्ली में मेवाराम जैन और कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा की मुलाकात हुई थी। इसके बाद मेवाराम शनिवार की तड़के 3 बजे बाड़मेर पहुंचे थे।

तस्वीर नेहरू नगर ओवरब्रिज की है। यहां शनिवार को साइन बोर्ड पर मेवाराम के कथित आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए थे, जिन्हें बाद में हटा दिया गया।

तस्वीर नेहरू नगर ओवरब्रिज की है। यहां शनिवार को साइन बोर्ड पर मेवाराम के कथित आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए थे, जिन्हें बाद में हटा दिया गया।

अब पढ़िए… पूरा इंटरव्यू

सवाल: कांग्रेस में वापसी कैसे हुई, कहीं कोई रुकावट भी आई? जवाब: हमारे नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, कांग्रेस प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व सीएम अशोक गहलोत, प्रतिपक्ष नेता और अनुशासन समिति और प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सर्वसम्मति से निर्णय लेकर मेरी कांग्रेस में दुबारा जॉयनिंग करवाई है।

मैंने उन्हें बताया कि जिस कारण से मुझे पार्टी से निकाला, इसको लेकर मेरे से पूछा नहीं गया। न ही मुझे नोटिस दिया गया। मेरे ऊपर जो आरोप लगे, उसमें पुलिस ने एफआर दे दी, कोर्ट ने स्वीकृत कर ली।

हाईकोर्ट ने मुझे क्लीनचिट देते हुए दोषी नहीं माना। उसके बावजूद मेरे ऊपर जो आरोप लगाए हैं, वो गलत हैं। दूसरा आरोप पार्टी के खिलाफ रहने का था। मैं बताना चाहता हूं कि मेरा पूरा परिवार 40 सालों से कांग्रेस में है। आज दिन तक कभी कांग्रेस से बाहर नहीं गए।

लोकसभा चुनाव में हरीश चौधरी, वर्तमान सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल समेत सब आए थे। मैंने उनको कहा था- आप फतेह मोहम्मद, सुनील परिहार (विधानसभा चुनाव में निष्कासित थे लोकसभा चुनाव से पहले लिया) को ले रहे हो, मुझे भी ले लो। मेरे ऊपर जो आरोप थे, वो सब खत्म हो गए। तब मैं आराम से कांग्रेस का प्रचार- प्रसार करूंगा।

तब उन्होंने कहा कि यह तो हो नहीं सकता है। उसके बावजूद मैंने कहीं भी किसी के पक्ष में सभा या भाषणबाजी नहीं की। न ही कोई शिकायत की है। तो दोष क्या है? सबने यह देखा और फिर मुझे कांग्रेस में वापस लिया।

सवाल: क्या स्थानीय विधायक और एमपी आपकी जॉयनिंग रोकने दिल्ली पहुंच गए थे? जवाब: वो वहां पर रोकने गए या कैसे गए, यह मुझे पता नहीं है। जब हमारा आलाकमान निर्णय लेता है, तो सबको सर्वमान्य होता है। होना भी चाहिए। पता नहीं परसों से यह लोग मुझे मोबाइल कॉल करके टॉर्चर करने की कोशिश कर रहे हैं। मेरे साथ जिस भाषा का उपयोग कर रहे हैं। लोग स्वागत के लिए बीच में काफिले के साथ आना चाहते थे। 26 सितंबर को जब मुझे जानकारी लगी तो मैंने रात को ही रोक दिया। मुझे पता लगा कि जब बाड़मेर आओगे तो रास्ते में अनहोनी हो सकती है। मैंने तब सबको मना किया। मैंने कहा- मैं बाड़मेर आ जाऊंगा। 3 बजे बाड़मेर पहुंचा। सभी से कहा कि ऑफिस में आकर आप स्वागत कर लेना।

सवाल: आपको किससे खतरा था, झगड़ा करने वाला कौन था? जवाब: जिस ढंग की बातें हो रही हैं। यह सब आप समझ जाओगे। क्यूं विरोध हो रहा है और क्यूं नहीं हो रहा है। आलाकमान ने फैसला कर दिया तो उस पर कोई बात होनी भी नहीं चाहिए।

सवाल: आप इतने बड़े लीडर हो गए कि आपका दिल्ली तक विरोध किया? जवाब: विरोध किया या नहीं किया, वो जाने उनका काम जाने। मुझे आलाकमान ने वापस ले लिया, मैं उन सब पर ध्यान देता हूं। जो समर्थक और जनता आई थी, उन सभी को धन्यवाद दे दिया है। 2 साल बाहर रखा, तब भी लोगों का समर्थन मेरे साथ था और आज भी है।

सवाल: आपके खिलाफ पोस्टर लगाने वाले कौन हैं? जवाब: मैंने पुलिस को रिपोर्ट दे दी है। यह सब पता लग जाएगा। सीसीटीवी फुटेज देख लो। इसके पीछे कौन है। पुलिस सच्चाई का पता लगाना चाहेगी तो सब पता लग जाएगा। पता नहीं लगाना है तो अलग बात है।

सवाल: तो फिर कुल मिलाकर कांग्रेस वाले ही है? जवाब: पता नहीं कौन है, किसलिए कर रहे हैं। यह मुझे पता नहीं है। पोस्टर को लेकर 36 कौम की जनता में रोष है। ऐसा पहले कहीं भी नहीं हुआ है। इस ढंग से जो किया जा रहा है। यह गलत है। इसमें सबको ठेस भी पहुंची है। यह पोस्टर लगे, वो गलत ही लगे हैं।

हम चाहते हैं किस तरीके से पार्टी मजबूत हो। हम सब संगठित हों। आपस में बिखरें नहीं। अगर कोई गलतफहमी इधर-उधर हुई है, तो भी खत्म करके आलाकमान चाहते हैं, कांग्रेस मजबूत हो। आने वाले पंचायतीराज और नगर निकाय चुनाव को कैसे जीते, इस पर फोकस होना चाहिए।

सवाल: क्या आपके स्वागत पोस्टर में एक तरफ आपका तो दूसरी तरफ शेर का फोटो था? जवाब: मेरे स्वागत के होर्डिग्स व पोस्टरों को भी मैंने नहीं देखा है। मैं सुबह 3 बजे आया, उठते ही मंदिरों के दर्शन किए। इसके बाद यहां भीड़ में आ गया। इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।

सवाल: क्या आपने अपनी स्पीच में कहा कि कोई नेता दूध के धुले नहीं हैं, नार्को टेस्ट करवा लो? जवाब: मैंने कहा था कि बड़े नेताओं को बात नहीं करनी चाहिए, जैसी पोस्टरों वाली हो रही है।

मेवाराम ने शनिवार को कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। कांग्रेस में वापसी पर समर्थकों ने भी फूल बरसाकर उनका स्वागत किया।

मेवाराम ने शनिवार को कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। कांग्रेस में वापसी पर समर्थकों ने भी फूल बरसाकर उनका स्वागत किया।

सवाल: बड़े नेता कौन हैं, जो आपके विरोध में है? जवाब: मैं इस बात को आगे नहीं ले जा रहा हूं। यह जो भी घटना हुई है, इसकी निंदा करनी चाहिए। चाहे कोई भी नेता हो। मेरी भावना यह नहीं थी कि मैं किसी भावना को ठेस पहुंचाऊं। मुझे टिकट का भी नहीं है, अभी 3 साल पड़े हैं। जनता चाहेगी तो पार्टी आलाकमान टिकट दे देगी, नहीं देगी तो भी ठीक है।

सवाल: कांग्रेस में 6 नेताओं की वापसी हुई है, क्यों? जवाब: यह क्यूं हो रही है, आप सबको पता है। मुझे कहने की आवश्यकता ही नहीं है। यह सब आप देख लेना।

मेवाराम शनिवार की तड़के करीब 3 बजे बाड़मेर पहुंचे थे। जैसे ही समर्थकों को उनके आने की सूचना मिली तो वे स्वागत करने पहुंच गए।

मेवाराम शनिवार की तड़के करीब 3 बजे बाड़मेर पहुंचे थे। जैसे ही समर्थकों को उनके आने की सूचना मिली तो वे स्वागत करने पहुंच गए।

सवाल: आपके खिलाफ जो मामला दर्ज हुआ है, उसमें अभी क्या स्टेट्स है? जवाब: स्टेट्स क्या, मामला कब का ही खत्म हो गया है। इसमें पुलिस ने एफआर दे दी, कोर्ट ने स्वीकृति दे दी। हाईकोर्ट ने तीन बार क्लीनचिट दे दी है। इनका कोई लेना-देना नहीं है। शिकायतकर्ता कोई नहीं है। यूं ही राजनीति को लेकर इस मामले को उछाला जा रहा है। ऐसे पोस्टर कभी नहीं लगे हैं।

सवाल: ऐसा क्या डर है, जो पूरी लॉबी आपके पीछे लग गई? जवाब: इनको एक ही डर है कि शायद यह एमएलए में खड़ा नहीं हो जाए। तीन साल पड़े हैं। क्या होगा, कौन रहेगा। कौन जाएगा।

सवाल: ऐसा तो नहीं है, आपने उन लोगों को सताया हो? जवाब: मैंने क्या सताया है। मंत्री वगैरह तो वो रहे, मैं क्या रहा। ऐसी कोई स्थिति नहीं रही है। हमारे बीच में कभी टकराव भी नहीं रहा है। मैं मंत्री वगैरह भी नहीं रहा कि इनको तकलीफ आई हो। मंत्री वगैरह तो वही रहे हैं। दिल्ली में इनकी पहुंच है। मेरी कहां पहुंच है।

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