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भूपालसागर थाना क्षेत्र के फलासिया जागीर गांव में माता जी के मंदिर में सोती हुई महिला और पुरुष से सोने-चांदी के गहनों की लूट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। करीब तीन महीने पहले कपासन में 84 डीपी चोरी के क

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इसी के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और तकनीकी निगरानी, मोबाइल ट्रैकिंग, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से तीनों आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की। आरोपी बड़ीसादड़ी निवासी बंशीलाल (50) पुत्र प्यारा कालबेलिया को गंगापुर से, कपासन हाल अहमदाबाद निवासी मुकेश (27) पुत्र नानूराम कालबेलिया को अहमदाबाद से और भदेसर निवासी नारायण पुत्र परथा उर्फ पृथ्वीराज कालबेलिया को जोधपुर से गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपियों से पुलिस ने लूट का माल भी बरामद किया, जिसमें दो सोने की रामनामी, दो सोने के मादलिया और दो चांदी के कड़े शामिल हैं।

पहले पकड़े गए कालबेलिया ग्रुप से मिला था पुलिस को पहला सुराग।

पहले पकड़े गए कालबेलिया ग्रुप से मिला था पुलिस को पहला सुराग।

3 फरवरी को हुई थी घटना, बनाई गई विशेष टीम

यह लूट 3 फरवरी की रात को उस समय हुई थी जब मंदिर में रहकर देखरेख करने वाली महिला और पुरुष सो रहे थे। आरोपियों ने महिला के गले से सोने की रामनामी और मादलिया, और पुरुष के हाथों से चांदी के कड़े चुरा लिए थे। घटना के बाद जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के निर्देश, एएसपी सरिता सिंह, कपासन वृताधिकारी हरजीलाल यादव, थानाधिकारी लादुलाल सोलंकी के सुपरविजन में एक विशेष टीम बनाई गई। जिसमें एएसआई जमना त्रिपाठी, तेजमल, कांस्टेबल राजमल, ओमप्रकाश, राधेश्याम, पीराराम, अनिल, साइबर सेल के हेड कांस्टेबल राजकुमार, कांस्टेबल रामनरेश, राजेश, रामावतार और गणपत कांस्टेबल शामिल थे।

पुलिस के सामने बड़ी चुनौती, आरोपी मोबाइल रखते थे बन्द

पुलिस को सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपी अपना मोबाइल फोन हमेशा बंद रखते थे और बहुत ही कम समय के लिए चालू करते थे, जिससे उनकी लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल था।

पूछताछ में सामने आया कि तीनों आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं और बाल या पुराने सामान खरीदने के बहाने लोगों के घरों में जाकर पहले रेकी करते थे। ये लोग बाइक से चलते थे और अक्सर बिना मोबाइल फोन के वारदात को अंजाम देते थे ताकि पुलिस उन्हें पकड़ न सके।

एक दूसरे से मिलने के लिए पहले ही तय करते थे लोकेशन।

एक दूसरे से मिलने के लिए पहले ही तय करते थे लोकेशन।

लोकेशन तय करके निकलते थे सभी आरोपी

खास बात यह थी कि अहमदाबाद में रहने वाला मुकेश बुलावे पर बिना मोबाइल के आता था और सभी आरोपी एक तय स्थान पर मिलकर आगे की योजना बनाते थे। फिर सभी अपने-अपने घरों में फोन छोड़कर फतेहपुर या माता जी की पांडोली में एकत्र होते थे और फिर वही से साथ में जाकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।

आखिरकार पुलिस की मेहनत रंग लाई और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनसे लूटा गया सारा सामान भी बरामद कर लिया गया है। इस पूरे खुलासे में साइबर सेल की अहम भूमिका रही और पुलिस की सूझबूझ, टीम वर्क ने इस जटिल मामले को सुलझा दिया।



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