स्मार्ट सिटी के तहत 275 करोड़ रुपए खर्च कर बनाए गए एलिवेटेड रोड की महावीर सर्किल वाली भुजा की सड़क दोबारा खोद कर बनानी होगी। इसकी सिफारिश एमएनआईटी की एक्सपर्ट कमेटी ने की है।
कमेटी की बैठक पिछले सप्ताह जयपुर में हुई। इसमें एमएनआईटी आरएसआरडीसी, पीडब्लूडी, एनएचएआई, एडीए और स्मार्ट सिटी के अधिकारी शामिल हुए। इसमें आरएसआरडीसी द्वारा तैयार किए गए टोटल सर्वे स्टेशन रिपोर्ट, जीपीआर और एमएएसडब्लू टेस्ट रिपोटों पर चर्चा की गई।
एमएनआईटी के विशेषज्ञों ने इन रिपोर्टों को खारिज कर दिया। एलिवेटेड से मिट्टी और गिट्टी बहने के लिए आरएसआरडीसी की चूहा थ्योरी (चूहों के कुतरने से) को भी सिरे से नकार दिया गया। बता दें कि एलिवेटेड की महावीर सर्किल वाली भुजा 94 दिन से बंद है।

सड़क धंसने के बाद से बंद पड़ी है एलीवेटेड रोड की ये भुजा।
दो स्तरों पर तीन महीने की जांच में सामने आया कि इस भुजा पर फिल्टर मीडिया डिजाइन प्रॉपर नहीं है। मिट्टी और बजरी का बहाव रोकने के लिए लगाई मेंब्रेन और जियो टेक्सटाइल नहीं लगी है। सड़क के बेस लेवल तक कॉम्पेक्शन नहीं किया। पानी निकासी के बनाए गए वीप होल बंद और नियमानुसार नहीं हैं।
रैंप में डाली गई मिट्टी की क्वालिटी भी खराब है। बरसाती पानी घुसने और बड़ी मात्रा में मिट्टी और रोड़ी के बह जाने के कारण मिट्टी सेटल होकर दलदली हो गई है। इससे यह सड़क भारी वाहनों के चलने के लिए लायक नहीं है।
कमेटी ने सुझाव दिया है कि इस रैंप को रिमूव कर नए सिरे से सड़क का निर्माण प्रॉपर कॉम्पेक्शन के साथ किया जाए। फिल्टर मीडिया नए सिरे से डिजाइन की जाए और मेंब्रेन लगाई जाए। फिल्टर मीडिया भी प्रॉपर नहीं होने, कॉम्पेक्शन नहीं होने से यह सड़क भारी वाहनों के चलने लायक नहीं है।
एलिवेटेड का ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं इसे नए सिरे से डिजाइन किया जाएगा। नसियां वाली भुजा की भी डिजाइन तैयार की जाए। अब एमएनआईटी के अधिकारियों वाली कमेटी ने इसे चलने योग्य ही नहीं माना है। रैंप को रिमूव करने की सिफारिश की है।

पिछले दिनों एमएनआईटी टीम की ओर से की गई जांच।
करीब 25 लाख का होगा खर्चा
- यदि एमएनआईटी के अधिकारियों की कमेटी की सिफारिशों को माना गया तो इस सड़क को दोबारा बनाने में 15 से 25 दिन लगेंगे। इस पर करीब 25 लाख रुपए का खर्च होगा। एलिवेटेड की इस भुजा से नवंबर में ही दोबारा यातायात शुरू हो सकेगा।
कोर्ट में दे दिया सुरक्षा का शपथ पत्र
- एलिवेटेड रोड के सुरक्षित होने का शपथ पत्र आरएसआरडीसी की तत्कालीन प्रोजेक्ट डायरेक्टर चारू मित्तल कोर्ट में शपथ पत्र दे चुकी हैं। कोर्ट इसे स्वीकार भी कर चुकी है। स्मार्ट सिटी के सीईओ लोकबंधु और वर्तमान प्रोजेक्ट डायरेक्ट विपिन जिंदल भी कोर्ट में जवाब पेश कर चुके हैं।
जल्दबाजी में आधा-अधूरा निर्माण
- 10 मई 2023 को तत्कालीन सीएम के हाथों जल्दबाजी में आधे अधूरे एलिवेटेड रोड का शिलान्यास करवाया गया। इसके लिए नसियां वाली भुजा पर रातोरात सड़क बनाई गई। जल्दबाजी में किए गए काम का खामियाजा अब जनता भुगत रही है।
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